ईरान ही नहीं अमेरिका-रूस भी कर चुके यात्री विमान गिराने की गलती

ईरान ही नहीं अमेरिका-रूस भी कर चुके यात्री विमान गिराने की गलती
Desh 24X7
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January 11,2020 07:39

क्रोएशियाई यात्री विमान हादसे में ईरान ने अपनी गलती कबूल ली है। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन के दावे के बाद आखिरकार ईरान ने माना कि उसकी मिसाइल ने गलती से इस विमान को निशाना बनाया, जिसकी वजह से 176 लोगों की जान चली गई। ईरान की सेना ने बयान जारी कर इसे मानवीय भूल करार दिया। ईरान की सेना का कहना है कि विमान उनके मिलिटरी एरिया की तरफ बढ़ रहा था, जिसकी वजह से गलती हुई।

 

 

ऐसी कई बातें रहीं, जिससे मिसाइल हमले में विमान गिरने का शक गहराता रहा। पहला, विमान हादसे से कुछ समय पहले ही ईरान ने इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमला किया था। दूसरा, ईरान ने जांच के लिए ब्लैक बॉक्स देने से इनकार कर दिया था। 

 

 

हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है, जब किसी देश की सेना ने किसी यात्री विमान को निशाना बनाया हो। अमेरिका, रूस समेत कई देश कई बार ऐसा कर चुके हैं। 

 

 

अमेरिका ने गिराया ईरानी विमान, 290 मौत 

 

 

आज ईरान पर विमान गिराने के आरोप लग रहे हैं, लेकिन करीब 32 साल पहले ईरान को इस तरह का हमला झेलना पड़ा था। 

 

3 जुलाई, 1988 को अमेरिकी नौसेना के जहाज से किए गए मिसाइल हमले में ईरान एयर फ्लाइट 655 को आसमान में ही उड़ा दिया था। 

 

जिस समय यह हमला हुआ तब यह विमान अरब की खाड़ी के ऊपर से गुजर रहा था।

 

कहा गया कि अमेरिका को लगा कि इस विमान में मिसाइल हैं, जिससे ईरान हमला करने वाला है।

 

 

 

रूसी मिसाइल के हमले में गईं 300 जान 

 

 

17 जुलाई, 2014 को मलयेशिया एयरलाइंस का विमान एम्स्टर्डम से कुआलालंपुर जा रहा था, लेकिन तभी सोवियत निर्मित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल ने उसे निशाना बना लिया।

 

 

उस समय विमान में 283 यात्री और 15 क्रू सदस्य मौजूद थे। इनमें 80 बच्चे थे। सभी की मौत हो गई। 

 

 

जांच में पता चला कि रूस के समर्थन वाले यूक्रेन के विद्रोहियों ने यह मिसाइल हमला किया। 

 

 

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस हमले से जुड़े आरोपों को खारिज किया था। 

 

 

 

काला सागर में गिरा सर्बियाई विमान 

 

 

4 अक्तूबर, 2001 को सर्बिया का विमान इजरायल के तेल अवीव से रूस के लिए रवाना हुआ था। 

 

 

मगर काला सागर में वह क्रैश हो गया, पहले आतंकी हमले का शक जताया गया।  

 

 

अमेरिका ने जांच में पाया कि यूक्रेन सैन्य अभ्यास के दौरान क्रीमिया की मिसाइल से यह विमान गिरा। 

 

 

हमले में 66 यात्री और 12 क्रू सदस्य मारे गए, बाद में यूक्रेन सरकार ने सभी को हर्जाना दिया। 

 

 

 

कोरियाई एयरलाइंस का विमान गिराया

 

 

कोरियाई एयरलाइंस विमान संख्या 007 को 1 सितंबर 1983 सोवियत इंटरसेप्टर मिसाइल ने मार गिराया था।

 

 

इस हमले में कुल 269 लोगों की मौत हुई, जिनमें अमेरिकी सांसद लैरी मैक्डोनाल्ड भी शामिल थे। 

 

 

जांच में पाया गया कि पायलट की गलती से विमान गलत सीमा क्षेत्र में घुस गया था। 

 

 

 

जब पहली बार यात्री विमान को बनाया निशाना 

 

 

24 अगस्त, 1938 को दूसरे चीन-जापान युद्ध के दौरान पहली बार किसी यात्री विमान को निशाना बनाया गया 

 

18 यात्रियों को ले जा रहे विमान को हांगकांग में जापान ने मार गिराया था। 15 लोगों की मौत हुई। 

 

इसके अलावा अब तक करीब 29 ऐसे विमान हादसे हो चुके हैं, जब किसी देश ने यात्री विमान को निशाना बनाया।