मेरठ में गरमाया पलायन का मुद्दा, सीएम कार्यालय ने तलब की रिपोर्ट

कुछ समय पहले कैराना से हिंदुओं के पलायन के मुद्दे ने पूरे देश में हलचल मचा दी थी। अब मेरठ भी इसकी चपेट में आ गया है। यहां कई मकानों व प्लॉट के गेटों पर बिकाऊ लिखा हुआ है।

मेरठ में गरमाया पलायन का मुद्दा, सीएम कार्यालय ने तलब की रिपोर्ट
अमित झा
अमित झा

June 28,2019 12:47

उप्र में कैराना के बाद मेरठ के लिसाड़ी गेट स्थित प्रह्लादनगर में पलायन का मुद्दा गरमाने पर शासन-प्रशासन ने सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है। गुरुवार को लखनऊ ने मामले में सख्त तेवर दिखाए तो आला अफसर मौके की ओर दौड़ पड़े। तीन घंटे तक थाने में कैंप कर इन्होंने दोनों समुदाय के लोगों से बातचीत की। पैदल ही कॉलोनी का भ्रमण कर समस्या सुनीं। पार्षद जीतेंद्र पाहवा समस्या बताते हुए फूट-फूट कर रो पड़े। उसके बाद एडीजी ने स्वीकार किया कि प्रह्लादनगर से मकान बेचकर लोग जा रहे हैं। इसी दौरान दोनों समुदाय के लोगों में जमकर नोकझोंक भी हुई।

 

प्रह्लादनगर में बहुसंख्यक वर्ग के पलायन करने की घटनाएं सामने आने पर गुरुवार को हड़कंप मच गया। मुस्लिम बहुल इलाके के करीब 425 बहुसंख्यक परिवारों में से अब तक 125 के पलायन के बाद इसकी नमो एप पर शिकायत की गई थी। अधिकांश मकानों की खरीद-बिक्री बीते पांच-छह वर्ष के भीतर की गई। भाजपा नेता व बूथ अध्यक्ष भवेश मेहता द्वारा 11 जून को नमो एप पर पूरे प्रकरण की जानकारी देकर मदद मांगी गई।

 

मामला मीडिया में आने के बाद पलायन के मुद्दे पर सरकार सख्त हो गई। पूरे दिन कालोनी में दोनों समुदाय के लोगों में हलचल मची रही। लखनऊ से पूरे प्रकरण पर जवाब मांगने के बाद एडीजी प्रशांत कुमार, कमिश्नर अनीता सी मेश्रम, आइजी रामकुमार, डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी नितिन तिवारी लिसाड़ी गेट थाने पर पहुंचे, जहां पहले से ही दोनों समुदाय के पांच-पांच लोगों की कमेटी बनाकर अपनी बात रखने के लिए बुलाया था। सभी अफसरों ने दोनों समुदाय के लोगों से बातचीत की। उसके बाद सभी अफसर पैदल ही कालोनी में भ्रमण पर गए।

 

कालोनी में जहां पर बहुसंख्यक वर्ग के लोग गेट लगाने की बात कर रहे थे, वहीं दूसरे समुदाय के लोग इसका विरोध कर रहे थे। बाद में एडीजी ने माना की प्रह्लादनगर से लोग मकान बेच कर जा रहे है। उन्होंने बताया कि कालोनी में छेड़छाड़ से लेकर शरारती तत्वों के आतंक को खत्म करने के लिए पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दो स्थानों पर पुलिस पिकेट लगा दी गई।

 

शातिर की हरकतों से खौफजदा अलीगढ़ के गांव भीमगढ़ी के पूर्व प्रधान अरविंद कुमार परिवार समेत पलायन कर गए। उनका कहना है कि उनसे दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है। न देने पर आरोपित हथियारबंद साथियों के साथ उनके घर आ धमका और हत्या की धमकी देने लगा। हरदुआगंज पुलिस मामला दबाने में लगी है। एसएसपी तक शिकायत पहुंची, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

 

अर¨वद कुमार के मुताबिक बीते 29 मई को उनके फोन पर शातिर की कॉल आई और जरूरी काम बताते हुए हरदुआगंज में मिलने की बात कही। जहां मिलने पहुंचे अर¨वद से प्लॉटिंग के कारोबार में खूब मुनाफा कमाने की बात कहते हुए उसने दो लाख रुपये की मांग कर दी। आरोप है कि दस जून को फोन पर फिर रकम की मांग की गई। इन्कार करने पर गांव में आकर जान से मारने की धमकी दे डाली। कुछ घंटे बाद ही वह पांच साथियों के साथ उनके घर पहुंचकर दरवाजा पीटने लगा। वह घर पर नहीं मिले तो शातिर तमंचे लहराते हुए लौट गए। बकौल अर¨वद, उन्होंने पुलिस को सूचना देते हुए थाने में तहरीर दी।

 

जासं, मेरठ : कैराना के बाद मेरठ के प्रह्लादनगर में बहुसंख्यक लोगों द्वारा असामाजिक तत्वों के कारण पलायन करने का मामला सामने आया है। कुछ ऐसे ही हालात खरखौदा क्षेत्र के तीन गांवों में भी हैं। यह गांव एक वर्ग विशेष की आबादी बहुल हैं। इस वर्ग के असामाजिक तत्वों की अराजकता से तंग आकर दस हंिदूू परिवार यहां से पलायन कर चुके हैं।

 

गो¨वदपुरी निवासी रणधीर सिंह ने बताया कि वर्ष पूर्व एक वर्ग विशेष के असामाजिक तत्वों ने उसके भाइयों महेन्द्र, चंदकिरण, गुल्लु के साथ मारपीट की थी। आए दिन मारपीट के मामलों से तंग आकर सस्ते दामों में अपनी जमीन और मकान बेचकर उन्होंने गांव छोड़ दिया। इनके साथ ही असुरक्षा के माहौल को देखकर राजपाल सिंह भी पलायन कर गए।

 

आरोप है कि दो दिन पूर्व गांव के असामाजिक तत्वों ने उसके बेटे से जबरन मजदूरी कराई थी। पैसे मांगने पर उसके साथ मारपीट की। पीड़ित ने थाने में तहरीर दी है पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित का कहना है कि गांव में अनुसुचित जाति के पांच परिवार बचे हैं। वह भी पलायन की तैयारी में हैं। चिंदौड़ी गांव में भी वर्ग विशेष के असामाजिक तत्वों द्वारा अत्याचार और जमीन पर कब्जा करने के कारण करीब चार परिवार पलायन कर चुके हैं।

 

 

CM YOGI ADITYANATH PALAYAN MEERUT NEWS