हंसते-खेलते धान की राेपाई के लिए घर से निकली थीं लड़कियां, दबे पांव आई मौत

महराजगंज जिले में धान की रोपाई के दौरान एक ही गांव की पांच महिलाओं की मौत से गांव ही नहीं पूरा इलाका दहल उठा है। पूरे क्षेत्र का माहौल गमगीन है।

हंसते-खेलते धान की राेपाई के लिए घर से निकली थीं लड़कियां, दबे पांव आई मौत
Desh 24X7
Desh 24X7

July 30,2019 05:08

गोरखपुर में महराजगंज जिले के फरेंदा थाना क्षेत्र के पचरुखी गांव के लोगों ने कभी कल्‍पना में भी नहीं सोचा होगा कि एक झटके में गांव के पांच लोग काल के गाल में समा जाएंगे। सोमवार को दिन में हंसती-खेलती चारों लड़कियां व एक महिला घर से रोपाई के लिए निकलीं तो सभी के चेहरे पर खुशी के भाव स्पष्ट झलक रहे थे। लेकिन यहां तो नियति को कुछ और ही मंजूर था। धान की रोपाई के दौरान एक ही गांव की पांच महिलाओं की मौत से गांव ही नहीं पूरा इलाका दहल उठा।

 

गांव में मच गया कोहराम

 

शाम होते ही पांच मौतों की खबर जैसे ही गांव में पहुंची कोहराम मच गया। हर तरफ चीखपुकार मच गई। घरों को छोड़कर महिलाएं, बच्‍चे, बुजुर्ग और युवक खेत की तरफ दौड़ पड़े। खेत में सभी के शव मिट्टी से सने थे। मौका-ए-हालात व शवों की स्थित देखकर लोगों की रूह तक कांप गई। सैकड़ों की भीड़ चंद मिनट में ही जुट गई। मशक्कत के बाद बेजान पड़े महिलाओं को खेत से बाहर निकाला गया।

 

खुद एसपी ने संभाला मोर्चा

 

लोग एक दूसरे को सांत्वना देते रहे। लेकिन गम की आगोश में पूरा इलाका आ गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की फोर्स लगा दी गई। खुद एसपी मौके पर पहुंचकर लोगों को संभालने में जुट गए। धीरे-धीरे प्रशासनिक अधिकारी भी वहां पहुंच गए और हालत को संभालने का प्रयास किया लेकिन शवों के साथ लिपटकर रोने वालों की बढ़ती तादात से माहौल और गमगीन हो गया।

 

 

 

मजदूरी के सहारे चलता है परिवार

 

फरेंदा थाना क्षेत्र पचरुखी के टोला हड़हवा की रहने वाली राधिका, लक्ष्मी, सोनी, वंदना व सुभावती का परिवार मजदूरी के सहारे चलता है। गांव की रहने वाली पांच सोमवार को इलाके के विश्रामपुर चौराहे के समीप खेत में धान की रोपाई कर रही थीं। शाम होते ही महिला मजदूर घर जाने की तैयारी करने में जुट गई। कुछ महिलाएं हाथ में लगे कीचड़ को धोने का प्रयास कर रही थी।

 

तार पर कौवा बैठने से खेत में उतरा करंट

 

इस दौरान खेत में गड़े लोहे के विद्युत पोल पर एक कौआ बैठ गया। ढीला तार बिजली के पोल से सट गया। पानी से लबालब भरे खेत में करंट प्रवाहित हो गई। जिसकी चपेट में आते ही पांचों अचेत होकर जमीन पर गिर गईं। वहां मौजूद अन्य लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। आसपास मौजूद लोग बचाव के लिए दौड़े लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी। गांव में जैसे ही पांचों के मौत की खबर पहुंची, कोहराम मच गया। पूरा गांव मौके पर उमड़ पड़ा। रात साढ़े नौ बजे तक लोग सड़क पर डटे रहे। गांव में किसी के घर चूल्हा नहीं जला। भूख से ब'चे बिलबिला उठे। गांव में मातम पसरा हुआ है।

 

मरने वालों में दो सगी बहनें भी शामिल

 

मरने वालो में दो सगी बहने भी शामिल हैं, जो एक साथ खेत में धान की रोपाई करने गई थी और करंट की चपेट में आ गई। फरेंदा थानाक्षेत्र के पचरूखी गांव निवासी राजेंद्र की दो बेटियां राधिका व लक्ष्मी  धान की रोपाई में जुटी थी। हादसे से पहले दोनों एक साथ मिलकर धान की काफी रोपाई कर चुकी हैं। दोनों अक्सर साथ रहती थीं। सोमवार को जब हादसा हुआ वह साथ थी। एक साथ दोनों बहनों की मौत से परिवार के लोग सदमे है। माता-पिता बेसुध है। उनके शवों को देखकर परिजन बेहोश भी हो गए। हादसे के बाद इलाके के लोग बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। बिजली विभाग की उदासीनता यह हादसा हुआ। पोल पर लगा तार काफी नीचे आ गया था। तार ढिला होने की शिकायत लोगों ने बिजली विभाग से की थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से तार को ठीक नहीं किया गया और पांच लोगों की जान चली गई। हादसे होते ही लोग आक्रोशित हो गए और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अड़ गए।

 

जाम भी लगाया

 

पुलिस के कब्जे से गांव के लोगों ने सभी शवों को ले लिया और सड़क पर जाम लगा दिया। बिजली विभाग के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने के आश्वासन पर भीड़ शांत हुई। बिजली विभाग की लापरवाही से जिले में यह पहली घटना नहीं है। बीते महीने में बरगदवा, कोतवाली थाना क्षेत्र में हादसे हुए। चौराहे से चंद कदम की दूरी पर हादसा हुआ। खबर मिलते ही लोग वहां पहुंच गए , लेकिन करंट प्रवाहित होने से कोई भी व्यक्ति खेत तक नहीं पहुंचा। दूर खड़े होकर लोग तमाशा देखते रहे। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। करंट कटवाने के बाद फरेंदा पुलिस खेत में पहुंची और पांचों को मशक्कत के बाद बाहर निकाला।

 

परिजनों को मिलेगा 13-13 लाख मुआवजा

 

महराजगंज के डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 13-13 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। इसके तहत  विद्युत सुरक्षा के तहत पांच लाख रुपये, कृषक बीमा दुर्घटना योजना से  पांच लाख व मंडी समिति से तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इस संबंध में प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। शीघ्र ही सहायता राशि प्रशासन द्वारा परिजनों को सौंप दी जाएगी।

 

जांच टीम गठित

 

जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने कहा कि हादसे के बाद शासन ने दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। बस्ती मंडल के चीफ इंजीनियर व गोरखपुर के उप निदेशक विद्युत सुरक्षा इस हादसे की जांच करेंगे। जांच टीम मंगलवार की सुबह घटना स्थल पर पहुंच सभी तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेगी। पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवान के निर्देश पर फरेंदा पुलिस ने अज्ञात विद्युत अधिकारियों के खिलाफ चार युवतियों व एक महिला की मौत के मामले में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। एसपी ने कहा कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने विद्युत हादसे में पांच लोगों की मौत के मामले में रिपोर्ट देर रात शासन को भेजी है। डीएम ने कहा कि घटना के संबंध में रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। मृतकों के परिजनों को शीघ्र ही सहायता राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। खेत में करंट उतरने से चार युवतियों समेत पांच की मौत की खबर सुन डीएम अमरनाथ उपाध्याय व पुलिस अधीक्षक रोहित ङ्क्षसह सजवान तथा पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए । दोनों अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों का ढांढस बंधाकर अहेतुक सहायता का भरोसा दिलाया।

 

दैनिक जागरण

gorakhpur mahrajganj incident