यूपी विधान सभा में नमाज के लिए कमरे की मांग सपा की सोची-समझी रणनीति

सपा विधायक इरफान सोलंकी ने अपने वीडियो में विधानसभा में नमाज के लिए कमरा बनवाने की मांग कर ओवैसी और योगी आदित्‍यनाथ के मुस्लिम को अपने पाले में करने की कोशिश का जवाब दिया है

यूपी विधान सभा में नमाज के लिए कमरे की मांग सपा की सोची-समझी रणनीति
Desh 24X7
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September 8,2021 10:19

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के मुस्लिम वोट पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी की चोट से खुद को मुसलमानों का सच्‍चा मसीहा मानने वाली समाजवादी पार्टी तिलमिला गयी है। तिलमिलाये भी क्‍यों न, क्‍योंकि जिन मुस्लिम वोटों के लिए उनके पिता मुलायम सिंह यादव ने अपने नाम के आगे मुल्‍ला शब्‍द लगवाया, पिछले चुनाव की एक सभा में खुलेआम मंच से बोला कि अयोध्‍या में हिन्‍दुओं पर गोली चलवाने का उन्‍हें कोई अफसोस नहीं, उन्‍हीं मुस्लिम वोटों को ओवैसी अपनी ताकत बना लें, ऐसा कैसे हो सकता है। ऐसे में उन्‍हीं की पार्टी के एक मुस्लिम विधायक ने झारखंड की तर्ज पर विधानसभा में नमाज के लिए एक कक्ष बनाने की मांग कर एक तीर से ओवैसी और भाजपा पर दो निशाने लगाये हैं। ज्ञात हो मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने तीन तलाक पर फैसले से आलोक में दो दिन पहले ही मुस्लिम महिलाओं को भाजपा से जोड़ने का आह्वान भाजपा के महिला मोर्चा की बैठक में किया है।

 

सपा विधायक इरफान सोलंकी का वीडियो कल खासा चर्चा में रहा। इस वीडियो में इरफान सोलंकी यह कहते नजर आ रहे हैं कि मुस्लिम विधायकों के लिए यूपी विधानभवन में अलग प्रेयर रूम होना चाहिए ताकि वह विधानसभा सत्र में भाग लेने के दौरान नमाज पढ़ सकें। उनका तर्क है कि विधानसभा में विधायकों की मौजूदगी और नमाज दोनों ही जरूरी हैं, और अनेक बार ऐसा हो जाता है कि जब सदन चल रहा होता है तभी नमाज का समय हो जाता है। इरफान सोलंकी कानपुर से विधायक हैं। उन्होंने कहा है कि इबादत के लिए एक कमरा बना देने से किसी को परेशानी नहीं होगी। 

 

वीडियो में उन्होंने कहा कि इबादत भी जरूरी है और विधानसभा सत्र भी जरूरी है, विधानसभा अध्यक्ष चाहें तो इस पर निर्णय कर सकते हैं। इससे न तो किसी को हानि होगी और न ही कोई तकलीफ होगी। अब तो एयरपोर्ट पर भी अलग प्रेयर रूप होते हैं। सपा विधायक कहते हैं कि  अभी झारखंड का मामला हाल में सामने आया है। सोलंकी ने कहा कि हमारे यहां नमाज का टाइम तय है। भले ही एक छोटा प्रेयर रूम हो, लकिन होना चाहिये। उनका कहना है कि कई बार ऐसा होता है कि किसी विधायक का प्रश्न लगा हुआ है। महत्वपूर्ण प्रश्न है और क्षेत्र का मामला है। उसी समय अजान हो गई। न तो प्रश्न छूटना चाहिए और न ही नमाज। 

 

 

ज्ञात हो कि इससे पहले झारखंड में नमाज के लिए वहां के विधानसभा अध्यक्ष कमरा आवंटित कर चुके हैं। हालांकि, विपक्षी दल भाजपा ने स्पीकर के फैसले का विरोध भी किया है, और कहा है कि ऐसे में तो विधानसभा में मंदिर भी होना चाहिेये। झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष की ओर से नमाज़ के लिए कमरा आवंटित करने का आदेश जारी किया गया है। झारखंड सरकार का कहना है कि यह नमाज के लिए कक्ष की व्‍यवस्‍था उनकी बनायी हुई नहीं है, यह पहले से चली आ रही है।

 

 

ओवैसी ने अपने तीन दिवसीय उत्‍तर प्रदेश के दौरे की शुरुआत अयोध्या से की। ओवैसी के भाषण में सपा मुखिया अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी पार्टी नहीं चाहती कि मुसलमान आगे बढ़े। 60 वर्षों से मुसलमानों के वोट का इस्‍तेमाल होता रहा है,  उन्‍होंने साफ कहा कि इस बार चुनाव में यूपी का मुसलमान जीतेगा। उन्‍होंने कहा कि कब तक हम इनको कंधों पर बिठाकर कभी अपना बेटा बनाकर कभी अपना भैया बनाकर कभी अपना नेता बनाकर कब तक इनको जिताते रहेंगे। हम क्या कोई कैदी हैं। अब हम वोट डालेंगे और जीतेंगे। संविधान में हमको इजाजत है। किसी के पेट में दर्द क्यों हो रहा है।'

 

 

अयोध्‍या में ओवैसी ने अखिलेश यादव पर वार करते हुए कहा, 'अगर अखिलेश यादव अपनी सरकार के वक्त योगी आदित्यनाथ पर केस चला देते तो योगी कुछ नहीं कर पाते लेकिन सच्चाई ये है कि कोई नहीं चाहता कि मुसलमान आगे बढ़े। पार्टियां चाहती हैं कि देश का 19 फीसदी मुसलमान इनकी गुलामी करे लेकिन हिस्सेदारी न मांगे।अखिलेश की यह मजबूरी है कि ओवैसी की चुनौती को वे हवा-हवाई नहीं मान सकते। यूपी में करीब 19 फीसदी मुस्लिम वोट हैं। ओवैसी ने पार्टी के राज्य की 403 में से 100 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। मुस्लिम, यादव और ओबीसी की अन्य जातियों की सोशल इंजिनियरिंग के सहारे अखिलेश को इस बार उम्मीद है, लेकिन अगर मुस्लिम वोटों में सेंध लगती है तो सपा के लिए यह चिंतित होने की बात तो है ही।  

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