टीम इंडिया के कोच के लिए शास्त्री-मूडी समेत 6 नाम शॉर्ट लिस्ट, हेसन और लालचंद राजपूत भी रेस में

कपिलदेव की अगुआई वाली तीन सदस्यीय समिति शुक्रवार को शॉर्ट लिस्ट किए गए लोगों का इंटरव्यू लेगी

टीम इंडिया के कोच के लिए शास्त्री-मूडी समेत 6 नाम शॉर्ट लिस्ट, हेसन और लालचंद राजपूत भी रेस में
Desh 24X7
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August 13,2019 03:13

टीम इंडिया के अगले कोच का ऐलान इस सप्ताह के अंत या अगले सप्ताह के शुरू में हो सकता है। कपिल देव की अगुवाई वाली क्रिकेट एडवाइजरी काउंसिल ने 6 नाम शॉर्ट लिस्ट किए हैं। इनमें न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑल राउंडर टॉम मूडी, टीम इंडिया के पूर्व मैनेजर लालचंद राजपूत और टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच रॉबिन सिंह शामिल हैं। वेस्ट इंडीज के पूर्व ओपनर फिल सिमंस और वर्तमान कोच रवि शास्त्री भी इस रेस में हैं। शास्त्री, फिलहाल टीम इंडिया के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर हैं। उन्हें इस दौरे के लिए एक्सटेंशन दिया गया है।

 

क्रिकेट एडवाइजरी काउंसिल (सीएसी) सभी 6 उम्मीदवारों का इंटरव्यू करेगी। यह शुक्रवार को होंगे। रवि शास्त्री स्काइप के जरिए प्रजेंटेशन और इंटरव्यू दे सकते हैं। सीएसी में कपिल देव के अलावा टीम इंडिया के पूर्व ओपनर अंशुमान गायकवाड़ और महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी शामिल हैं।

 

टॉम मूडी

 

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर टॉम मूडी 2005 में जॉन राइट के बाद भारतीय टीम के कोच बनने के दावेदार थे, लेकिन चैपल को यह जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद मूडी श्रीलंकाई टीम के कोच बने। उनकी कोचिंग में श्रीलंका 2007 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची थी। उन्होंने 2007 बिग बैश में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया को कोचिंग दी। इसके बाद आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब और सनराइजर्स हैदराबाद के भी कोच रहे। उनकी कोचिंग में ही सनराइजर्स की टीम 2016 में चैम्पियन बनी थी। उन्हें हाल ही सनराइजर्स ने कोच पद से हटा दिया है।

 

माइक हेसन

हेसन 6 साल तक न्यूजीलैंड के कोच थे। उनकी कोचिंग में कीवी टीम 2015 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची थी। तब वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में हार गई थी। पिछले साल उन्होंने कोच पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में किंग्स इलेवन पंजाब को कोचिंग दी।

 

फिल सिमंस

वेस्टइंडीज के लिए 26 टेस्ट और 143 वनडे खेलने वाले फिल सिमंस ने 2002 में संन्यास लिया था। वे 2004 में जिम्बाब्वे के कोच बने थे। उन्हें 2007 वर्ल्ड कप के बाद आयरलैंड का कोच बनाया गया। सिमंस ने टीम को 224 मैच में कोचिंग दी। 2015 में सिमंस विंडीज के कोच बने। उनकी कोचिंग में टीम 2016 टी-20 वर्ल्ड कप जीती थी। इसके बाद 2017 में वे अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के कोच बने थे। वर्तमान में सिमंस कनाडा टी-20 लीग में ब्रैम्पटन वोल्व्स के कोच हैं।

 

लालचंद राजपूत

लालचंद फिलहाल जिम्बाब्वे के कोच हैं, लेकिन टीम को आईसीसी ने प्रतिबंधित कर दिया है। लालचंद 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2008 में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर सीबी सीरीज जीतने वाली टीम के मैनेजर थे। मुंबई के पूर्व ओपनर बल्लेबाज लालचंद ने भारत के लिए दो टेस्ट और चार वनडे खेले हैं। उन्होंने कोचिंग करियर की शुरुआत अंडर-19 से की। 2007 में इंग्लैंड दौरे के लिए उन्हें भारतीय अंडर-19 टीम का कोच बनाया गया था। 

 

इसके बाद लालचंद को सीनियर टीम का मैनेजर बनाया गया था। लालचंद इंडियन प्रीमियर लीग के 2008 सीजन में मुंबई इंडियंस के कोच थे। 2016 में वे अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के कोच बने। उनकी कोचिंग में ही अफगानिस्तान ने वेस्टइंडीज को हराकर आईसीसी का फुल मेंबर होने का दर्जा हासिल किया था। 2018 में वे जिम्बाब्वे को कोच बने थे।

 

रॉबिन सिंह

भारत के लिए एक टेस्ट और 136 वनडे खेलने वाले रॉबिन सिंह टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच थे। वे भारतीय अंडर-19 टीम के कोच थे। 2004 में उन्हें हॉन्गकॉन्ग क्रिकेट टीम का कोच बनाया गया। उनके रहते हुए टीम 2004 एशिया कप के लिए क्वालिफाई की। 2006 में उन्हें भारत ‘ए’ का कोच बनाया गया। वे 2007-09 में टीम इंडिया के फील्डिंग कोच बने। इसके बाद 2008 में ही इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पहले सीजन में डेक्कन चार्जर्स के कोच नियुक्त हुए। उन्हें 2010 में मुंबई इंडियंस ने 3 साल के लिए कोच बनाया। उनके रहते हुए टीम 2010 में उपविजेता बनी। इसके अलावा उन्होंने पिछले 8 अन्य घरेलू टीमों को कोचिंग दी।

 

रवि शास्त्री

57 साल के शास्त्री टीम इंडिया के कप्तान कोहली की पसंद थे। शास्त्री को बतौर कोच खुद को साबित करने के लिए चार बड़े मौके मिले- दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज और फिर वर्ल्ड कप, लेकिन इन 4 में से 3 मिशन में वे फेल रहे। टीम दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज नहीं जीत सकी। पिछले दिनों खत्म हुए वर्ल्ड कप के फाइनल में भी टीम जगह नहीं बना सकी। उनकी एक बड़ी उपलब्धि ऑस्ट्रेलिया में टीम को पहली बार टेस्ट सीरीज में जीत दिलाना है।

 

दैनिक भास्कर

 

 

Ravi Shastri BCCI