स्थानीय चुनावों से पहले जम्मू के नेताओं पर से नजरबंदी हटाई गई

जम्मू के जो भी नेता घरों में नजरबंद थे उन्हें छोड़ दिया गया है और उन पर लगाए प्रतिबंध भी हटा लिये गये हैं। यह निर्णय सरकार के द्वारा घोषित ब्लाक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनावों के मद्देनजर लिया गया है।

स्थानीय चुनावों से पहले जम्मू के नेताओं पर से नजरबंदी हटाई गई

केन्द्र द्वारा जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली अस्थाई धारा 370  पाने और घाटी में सुरक्षा की दृष्टि से नजरबंदियां करने के लगभग दो महीने बाद प्रशासन ने जम्मू के सभी राजनेताओं की घर में नजरबंदी समाप्त कर दी है। एनडीटीवी द्वारा प्रसारित समाचार के अनुसार कश्मीर घाटी के राजनेता अभी अपने घरों में नजरबंद रहेंगे।

 

जम्मू के जो भी नेता घरों में नजरबंद थे उन्हें छोड़ दिया गया है और उन पर लगाए प्रतिबंध भी हटा लिये गये हैं। यह निर्णय सरकार के द्वारा घोषित ब्लाक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनावों के मद्देनजर लिया गया है। यह चुनाव राज्य की पंचायत राज व्यवस्था में दूसरे स्तर के चुनाव हैं।

 

जम्मू में जिन नेताओं को नजरबंदी से मुक्त किया गया है, वह देवेंदर सिंह राणा, रमन भल्ला, हर्षदेव सिंह, चौधरी लाल सिंह, विकार रसूल, जावेद राना, सुरजीत सिंह स्लाथिया और सज्जाद अहमद किचलू हैं।

 

जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला सहित लगभग 400 राजनेताओं को या तो गिरफ्तार कर लिया गया था या फिर घर में नजरबंद कर रखा गया था।

 

कश्मीर घाटी में सुरक्षा के कारण पिछले 57 दिनों से इंटरनेट और संचार माध्यम बंद रखे गए हैं।

 

300 से अधिक ब्लाक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव 24 अक्टूबर को कराते जाने हैं, उसी दिन मगणना भी की जायेगी। इन चुनावों में पंचायतों के लगभग सभी 26,000 मतदाता वोट डालेंगे।

 

पिछले वर्ष जम्मू और कश्मीर में करवाये गये पंचायत चुनावों में नेशनल कांफ्रेंस और पिपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और अन्य क्षेत्रीय दलों ने राज्य के विशेष दर्जे के मुद्दे पर चुनाव में भाग नहीं लिया था।

Jammu leaders released local polls