चिदंबरम को SC से झटका, अग्रिम जमानत याचिका खारिज, गिरफ्तार कर सकती है ED

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से एक और झटका लगा है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मामले में अदालत ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है.

चिदंबरम को SC से झटका, अग्रिम जमानत याचिका खारिज, गिरफ्तार कर सकती है ED
Desh 24X7
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September 5,2019 10:57

सुप्रीम कोर्ट से पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को बड़ा झटका लगा है. INX मीडिया केस में सुप्रीम कोर्ट ने पी. चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है और उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया है. यानी अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) INX मीडिया केस में पूछताछ के लिए पी. चिदंबरम को हिरासत में ले सकती है. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि एजेंसी पूर्व वित्त मंत्री को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है.

 

बता दें कि आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम अभी भी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की हिरासत में हैं. अंतरिम जमानत और सीबीआई कस्टडी के मसले पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. अदालत ने अपना फैसले पढ़ते हुए कहा कि एजेंसी की तरफ से केस डायरी को अदालत में पेश किया जा सकता है.

 

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आदेश दिया है कि ईडी ने क्या दस्तावेज इकट्ठा किए हैं, उन्हें पी. चिदंबरम को दिखाने की जरूरत नहीं है. और ना ही एजेंसी ने पूर्व वित्त मंत्री से क्या सवाल पूछे हैं उसकी ट्रांसक्रिप्ट कोर्ट को देने की जरूरत नहीं है.

 

सर्वोच्च अदालत में सुनवाई के दौरान पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम, बेटे कार्ति चिदंबरम, वकील अभिषेक मनु सिंघवी और कपिल सिब्बल मौजूद रहे.

 

 

सुप्रीम कोर्ट में पी. चिदंबरम की ओर से सीबीआई की हिरासत का विरोध किया गया था, हालांकि राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने पी. चिदंबरम को 5 सितंबर तक की सीबीआई हिरासत में भेज दिया था. 21 अगस्त को सीबीआई ने पी. चिदंबरम को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से ही वह हिरासत में हैं.

 

गुरुवार को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पी. चिदंबरम की हिरासत पर भी सुनवाई होनी है, 5 सितंबर को ही ये हिरासत खत्म हो रही है. यानी अगर सीबीआई को अदालत से पी. चिदंबरम की हिरासत नहीं मिलती है या उसकी तरफ से कोई मांग नहीं की जाती है तो ईडी तुरंत इस मामले में पूछताछ के लिए पी. चिदंबरम को गिरफ्तार कर सकती है.

 

 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से कहा गया था कि अभी उन्हें पी. चिदंबरम की और कस्टडी नहीं चाहिए, ऐसे में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए. अगर पी. चिदंबरम को न्यायिक कस्टडी में भेजा जाएगा तो उन्हें तिहाड़ जेल जाना होगा. हालांकि, कपिल सिब्बल की तरफ से इसका विरोध किया गया था, जिसके बाद अदालत ने 5 सितंबर तक कस्टडी बढ़ाने का आदेश दे दिया था.

 

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