पश्चिम बंगाल के बूथों पर अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी भाजपा

पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनावों के पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने "सेव बंगाल" अभियान को तेज करने का निर्णय लिया है।

पश्चिम बंगाल के बूथों पर अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी भाजपा

पार्टी का कहना है यह एक गैर राजनीतिक अभियान है, जिसमें प्रोफेशनल और प्रबुद्ध लोग ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार के कुशासन का विरोध करेंगे।

 

भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को प्रमुख चुनौती दे रही है, विशेष रूप से कुछ समय पूर्व हुये लोकसभा चुनावों के बाद, जिसमें इसने 18 लोकसभा सीटें जीतने के साथ ही अपने वोट प्रतिशत में महत्वपूर्ण वृद्धि कर उसे 41 प्रतिशत पर पंहुचा दिया था।

 

राज्य में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पों की खबरें आती रहती हैं। भाजपा अक्सर सत्ताधारी पार्टी पर वोट बैंक की राजनीति करने के लिए अपने विरोधियों पर हिसक हमले करने के आरोप लगाती है।

 

देश भर में चलने वाले अपने सदस्यता अभियान में भाजपा ने एक स्वयंसेवक अभियान भी चलाया है, जिसमें विशेष रूप से बंगालियों को सम्मिलित किया जा रहा है, इसमें राज्य से बाहर रहने वाले बंगाली भी सम्मिलित हैं। इससे उसे राज्य के लोगों के साथ जुड़ने में मदद मिलेगी और वह तृणमूल कांग्रेस का प्रभावी रूप में मुकाबला कर सकेगी।

 

हालांकि इस अभियान के कार्यक्रम अधिकतर शहरी और अर्ध शहरी क्षेत्रों में हो रहे हैं, लेकिन अब पार्टी जमीन से जुड़ने की कोशिश में है।

 

यह स्वयंसेवक 'सेव बंगाल' अभियान में मदद करेंगे। पार्टी का दावा है कि यह अभियान मुख्य रूप से राज्य के लोगों को यह समझायेगा कि भाजपा किस तरह तृणमूल कांग्रेस के खराब शासन का राज्य में अकेला विश्वसनीय विकल्प है।

 

इस अभियान के अंतर्गत सेमीनार, प्रबुद्ध लोगों का मिलन और प्रोफेशनलों के द्वारा कराये जाने वाले चर्चा सत्र, साथ ही राज्य के लिए आवश्यक विषय, इन सभी में राज्य से बाहर रहने वालो का सहभाग भी होगा। यह अभियान लोकसभा चुनावों के पहले शुरू किया गया था। पार्टी का दावा है कि अनेकों बंगालियों का तृणमूल कांग्रेस और उसके कुशासन से मोह भंगा हो चुका है। वह भाजपा के साथ बिना पार्टी में सम्मिलित हुए आना चाहते हैं। इस अभियान से उन्हें वह अवसर मिल रहा है।

 

भाजपा के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) और आरएसएस प्रचारक शिव प्रकाश इस अभियान को देख रहे हैं।

 

भाजपा के पास अभी से लगभग 5000 स्वयंसेवकों का डाटा बैंक है, जिसमें अधिकतर प्रोफेशनल हैं, लेकिन पार्टी यह दावा कर रही है कि बहुत सी गृहिणियां अभियान के साथ जुड़ना और सहयोग देना चाहते हैं। इन स्वयंसेवकों में बहुत से सोशल मीडिया पर बहुत अधिक सक्रिय हैं, जिनकी कुछ समय पहले हुते लोकसभा चुनावों में मुख्य भूमिका रही है।

 

पार्टी ने वर्तमान सदस्यता अभियान के दौरान राज्य में अपने सदस्यों की संख्या 1 करोड़ करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

BJP Election in West Bengal