बगावत का एक कदम और चले वरुण, योगी सरकार पर लगाया गंभीर आरोप!

वरुण ने ट्वीट किया, लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को हिंदू बनाम सिख की लड़ाई में बदलने की कोशिश की जा रही, घावों को फिर से कुरेदना खतरनाक

बगावत का एक कदम और चले वरुण, योगी सरकार पर लगाया गंभीर आरोप!
Desh 24X7
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October 11,2021 07:21

अघोषित रूप से बागी हो चुके भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर पार्टी लाइन से हटकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। वरुण की बगावत का इस बार का विषय हिंदू बनाम सिख है‌। वरुण ने ट्वीट करके कहा है कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को हिंदू बनाम सिख की लड़ाई में बदलने की कोशिश की जा रही है। वरुण गांधी ने अपने ट्वीट में कहा है कि ऐसी कोशिश न केवल अनैतिक और झूठी है बल्कि, उन घावों को फिर से कुरेदना खतरनाक है। जिन्हें ठीक होने में कई पीढ़ी लगी है। उन्होंने कहा कि हमें राष्ट्रीय एकता से ऊपर राजनीतिक का लाभ नहीं रखना चाहिए।

 

 

 

यहां यह बात ध्‍यान देने योग्‍य है कि हिन्‍दू बनाम सिख की बात करके वरुण ने कहीं न कहीं सिख दंगों को लेकर पार्टी लाइन से अलग जाकर कांग्रेस को क्‍लीन चिट दे दी है। वरुण के इस ट्वीट को भाजपा की नीतियों के विरोधी और वर्तमान में किसान आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शुमार योगेंद्र यादव ने तुरंत लपकते हुए जवाब में एक ट्वीट कर वरुण गांधी से सवाल पूछा। उन्होंने ट्वीट किया- मुझे उम्मीद है कि आप उन नेताओं और संगठनों का नाम बताएंगे, जो यह कर रहे हैं।

 

 

आपको बता दें पिछले लंबे समय से वरुण गांधी किसी न किसी मसले पर पार्टी लाइन से हटकर पार्टी के विरोध वाले बयान समय-समय पर देते रहे हैं, दूसरी ओर भाजपा नेतृत्व ने अब तक सीधे तौर पर तो वरुण के बयानों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कहीं न कहीं चुपचाप रह कर भी वरुण को इसका खामियाजा भुगतवा रही है, जिसका ताजा उदाहरण भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मेनका गांधी और वरुण गांधी को शामिल न करना है।

 

 

वरुण के योगी सरकार के ताजे हमले की बात करें तो लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में तीन अक्तूबर को हुई हिंसक घटना के बाद से वरुण गांधी लगातार किसानों के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं। वह इस संबंध में योगी सरकार को खत भी लिख चुके हैं और पीड़ित परिवारों के लिए इंसाफ और दोषियों के लिए सजा की मांग कर चुके हैं।वरुण गांधी ने तीन अक्तूबर की घटना के बाद एक वीडियो को पोस्ट कर लिखा है कि, 'यह वीडियो बिल्कुल साफ है। प्रदर्शनकारियों को हत्या से चुप नहीं कराया जा सकता। मासूम किसानों का जो खून बहा है उसकी जवाबदेही तय होनी ही चाहिए और न्याय मिलना ही चाहिए। किसानों के सामने ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए कि हम क्रूर हैं।

 

 

पांच अक्तूबर को भाजपा सांसद वरुण गांधी ने लखीमपुर खीरी हिंसा का एक वीडियो अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ियों से जानबूझकर कुचलने का यह वीडियो किसी की भी आत्मा को झकझोर देगा। उन्होंने पुलिस से इस वीडियो का संज्ञान लेकर गाड़ियों के मालिकों, इनमें बैठे लोगों और इस प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों को चिन्हित कर तत्काल गिरफ्तार करने को कहा था। 

 

 

उससे पहले भी वरुण ने गन्ना किसानों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें गन्ने के मूल्य में राज्‍य सरकार द्वारा की गयी वृद्धि का स्‍वागत करते हुए 400 रुपये किये जाने की मांग की थी। यही नहीं लंबे समय से केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान नेता राकेश टिकैत के आंदोलन को मौन समर्थन देते हुए केंद्र सरकार को नसीहत दी थी कि वह किसानों के प्रति नरम रुख अपनाएं, यहां यह गौरतलब है कि अपनी सलाह में वरुण गांधी ने किसानों के आंदोलन के नाम पर दिल्‍ली में हुई हिंसा में हिेंसा करने वालों को किसी प्रकार की नसीहत नहीं दी। 

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