दलित चेहरा चरणजीत सिंह चन्‍नी पंजाब के नये मुख्‍यमंत्री

लम्‍बे चले मंथन में कई नामों पर विचार कर अंतत: 25 घंटे के बाद हुआ नये मुख्‍यमंत्री के नाम का ऐलान, आलाकमान ने तय किया फाइनल नाम

दलित चेहरा चरणजीत सिंह चन्‍नी पंजाब के नये मुख्‍यमंत्री
Desh 24X7
Desh 24X7

September 19,2021 07:36

25 घंटे तक मुख्‍यमंत्री विहीन रहने वाले पंजाब को पहला दलित मुख्‍यमंत्री मिलने का ऐलान रविवार की शाम को हो गया। चरणजीत सिंह चन्‍नी को पंजाब का नया मुख्‍यमंत्री बनाये जाने की सूचना पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने शाम करीब 5.36 बजे ट्वीट कर दी। शनिवार को कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के पंजाब के मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा देने के बाद से चंडीगढ़ से लेकर दिल्‍ली तक लगातार चल रहे मंथन में एक दिन बाद राज्‍य के नये मुख्‍यमंत्री का नाम फाइनल रूप से तय हो सका। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने अपने ट्वीट में लिखा है कि मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि चरणजीत सिंह चन्नी को सर्वसम्मति से पंजाब के कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया है।

 

मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि भारी उलटफेर के बीच चरणजीत सिंह चन्नी के लिए मुख्यमंत्री का रास्ता साफ हुआ है। कुछ देर पहले तक सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम आगे चल रहा था, लेकिन आखिरी मौके पर चन्नी के नाम का ऐलान किया गया। ज्ञात हो चरणजीत सिंह चन्नी को कैप्टन अमरिंदर सिंह का धुर विरोधी नेता माना जाता है। दिन भर घटनाक्रम तेजी से बदलते रहे, पहले खबर मिली कि विधायकों की राय के अनुसार सबसे ज्‍यादा करीब 40 से 42 विधायक सुनील जाखड़ को मुख्‍यमंत्री बनाना चाहते थे, जबकि सुखजिंदर सिंह रंधावा के पक्ष में 20 से 22 विधायक थे। इसी बीच एक बार यह भी खबर आयी कि मुख्‍यमंत्री पद के लिए कांग्रेस की वरिष्‍ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री अम्बिका सोनी का नाम तय किया गया है, लेकिन फि‍र बाद में खुद अम्बिका सोनी ने सामने आकर पत्रकारों से कहा कि मैंने अपने स्‍वास्‍थ्‍य के दृष्टिगत मुख्‍यमंत्री पद स्‍वीकार करने से इनकार कर दिया है। 

 

हाल के घटनाक्रमों पर नजर डालने से पता चलता है कि कांग्रेस ने सियासी नफा-नुकसान का आकलन करके ही कैप्टन को हटाने का फैसला लिया था और माना जा रहा है कि अब पार्टी का दलित चेहरा चरणजीत सिंह चन्‍नी को मुख्‍यमंत्री बनाकर भी पार्टी ने दलित वोटर्स को लुभाने की कोशिश की है। 

 

 

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के भूतपूर्व होने की कहानी नवजोत सिंह सिद्धू के साथ अनबन होने के बाद से शुरू हुई, जिसके परिणामस्‍वरूप कल शुक्रवार की आधी रात में जब विधायकों की बैठक बुलाने का ऐलान हुआ तभी माना जा रहा था कि बैठक में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ 'कुछ बड़ा फैसला' हो सकता है। हरीश रावत ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद शुक्रवार आधी रात को सोशल मीडिया पर विधायक दल की मीटिंग के बारे में जानकारी दी है। बैठक पर नजर रखने के लिए हाईकमान ने दो पर्यवेक्षक अजय माकन और हरीश चौधरी को भी भेजने का निर्णय लिया। 

 

हरीश रावत ने ट्वीट में कहा था कि बैठक को बुलाने का फैसला 'बड़ी' संख्या में विधायकों' के अनुरोध पर लिया गया है। उन्होंने पंजाब के सभी कांग्रेस विधायकों से अनुरोध किया था कि कृपया इस बैठक में हिस्सा लें। ट्वीट में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को टैग किया था।

 

बताया जाता है कि सीएम कैप्टन अमरिंदर से नाराज 40 विधायकों की चिट्ठी के बाद कांग्रेस हाईकमान ने बड़ा फैसला लेते हुए यह बैठक बुलाने का फैसला लिया। पंजाब में विधानसभा का चुनाव नजदीक आ रहा है इसके मद्देनजर पार्टी यहां सरकार को लेकर किसी प्रकार की अस्थिरता नहीं चाहती है, इसीलिए मसले को निपटाने के लिए अंतत: हाईकमान ने विधायकों की बैठक बुलाने का निर्णय लिया था।  शनिवार शाम को करीब साढ़े चार बजे कैप्‍टन का काफि‍ला मुख्‍यमंत्री आवास से निकलकर राजभवन की ओर चला, और राज्‍यपाल को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया। 

Dalit Charanjit Singh Channi CM Punjab दलित चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री पंजाब