चुनाव आते ही मोदी सरकार झुकी, विपक्ष ने भाजपा की टांग खींचते हुए हमला बोला, कसे तंज

चुनाव आते ही सारे वादे पूरे होने लगते हैं लेकिन पिछले एक साल से देश का किसान तकलीफों के बीच घर-परिवार छोड़कर आन्दोलन कर रहा था तब क्यों नहीं मोदी सरकार की आँखें खुलीं ?

चुनाव आते ही मोदी सरकार झुकी, विपक्ष ने भाजपा की टांग खींचते हुए हमला बोला, कसे तंज

पीएम मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लगभग एक साल से आंदोलन कर रहे किसानों की माँग मानते हुए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया है. देश के अन्नदाता के लिए ये एक बहुत बड़ी खबर है |  पीएम ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि पवित्र और पूर्ण रूप से शुद्ध और किसानों की हित की बात वह कुछ किसानों को समझा नहीं सके. आपको ज्ञात हो कि किसान तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर लगभग एक साल से प्रदर्शन कर रहे हैं. इस प्रदर्शन के दौरान लगभग 600 से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं |

 

 

आज प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक तरफ तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया तो दूसरी तरफ अपनी तत्काल प्रतिक्रिया में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्विट कर मोदी सरकार पर पलटवार किया है। उन्होंने अपने ट्विट में कहा कि देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया है। अन्याय के खिलाफ ये जीत देश के किसनों को मुबारक हो। जय हिंद, जय हिंद का किसान!

 

इसके अलावा राहुल गांधी के एक ट्विट को कांग्रेस ने रि-ट्विट किया है। उनका ये ट्विट 14 जनवरी का है। इस ट्विट में राहुल गांधी ने कहा था कि मेरी बात मानिए, सरकार को किसान विरोधी कानून वापस लेने पड़ेंगे और हम इस बात के लिए मोदी सरकार को मजबूर करेंगे।

 

दूसरी तरफ किसान नेताओं ने इसे अपनी जीत करार दिया है। पीएम मोदी के इस ऐलान के बाद से पंजाब सहित अधिकांश किसान संगठनों से खुशी जाहिर की है। हालांकि, कुछ किसान नेताओं का कहना है कि जब तक मोदी सरकार संसद से तीनों कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक हम लोग धरने पर बैठे रहेंगे। मोदी सरकार ने किसानों को बहुत दुख दर्द दिया है। हम इसे भूल नहीं सकते।

 

वहीं किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत ने कहा कि हम तब तब कृषि कानून वापस नहीं लेंगे जब तक कानूनों को संसद में रद्द नहीं किया जाएगा।

इसी बीच आम आदमी पार्टी ने कहा कि यह किसानों के अभियान की बड़ी जीत है। मोदी सरकार ने आगामी चुनाव में हार के डर से 3 काले कृषि कानून वापस ले लिए हैं। पीएम मोदी को उन किसानों के परिवार से माफी माँगनी चाहिए जिन्होंने न्याय की लड़ाई में अपनी जान गंवाई है।

 

 

दरअसल यूपी, पंजाब और उत्तराखंड में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पीएम की यह घोषणा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है. किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अपने पाँच दशक के सार्वजनिक जीवन में किसानों की समस्याओं को मैंने बहुत करीब से देखा है इसलिए साल 2014 में जब मुझे प्रधानमंत्री के रूप में सेवा अवसर दिया तो हमने कृषि विभाग से किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा.

 

 

साथियों, कुछ भी कहो, चुनाव आते ही सारे वादे पूरे होने लगते हैं लेकिन पिछले एक साल से देश का किसान तकलीफों के बीच घर-परिवार छोड़कर आन्दोलन कर रहा था तब क्यों नहीं मोदी सरकार की आँखें खुलीं, 600 से ज्यादा किसान शहीद हुए उनका क्या ? 

 

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