अगर ट्रैफिक सिग्नल तोड़ा तो ₹1000 जुर्माना, नया मोटर वाहन कानून लागू

नये कानून से उन लोगों के मन में डर पैदा होगा, जो यातायात नियमों को तोड़ते हैं, क्योंकि एक "बुद्धिमत्ता पूर्ण यातायात प्रणाली" अपराधों की निगरानी करेगी, पिछले माह परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था।

अगर ट्रैफिक सिग्नल तोड़ा तो ₹1000 जुर्माना, नया मोटर वाहन कानून लागू

देश में रविवार से संशोधित मोटर व्हैकिलस (संशोधन) एक्ट 2019 लागू हो गया है, इसके अंतर्गत यातायात नियमों के उलंघन के लिए लगने वाले जुर्माने की रकम में जबरदस्त बढ़ोतरी की गई है।

 

कानून संसद के दोनों सदनों से पिछले माह पारित हो चुका है। नये कानून से उन लोगों के मन में डर पैदा होगा, जो यातायात नियमों को तोड़ते हैं, क्योंकि एक 'बुद्धिमत्ता पूर्ण यातायात प्रणाली' अपराधों की निगरानी करेगी, पिछले माह परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था।

 

संशोधित मोटर व्हैकिलस एक्ट के 63 अनुच्छेद लागू हो रहे हैं और वाहन चालक जब भी नियमों को तोड़ते हुए पकड़े जायेंगे, उन्हें भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। नये कानून में यातायात नियमों का उलंघन करने के मामले में जुर्माने की रकम को बहुत अधिक बढ़ाया गया है, जैसे शराब पीकर गाड़ी चलाना, बिना हेल्मेट पहने गाड़ी चलाना।

 

संशोधित मोटर व्हैकिलस एक्ट में सामूहिक कैब कंपनियों जैसे ओला, ऊबर के लिए भी नियम सम्मिलित किए गए हैं। हालांकि सामुहिक कैब कंपनियों के बारे में नियम, कानून में वर्णित है। यातायात मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, कानून के अन्य प्रावधानों को लागू करवाने में कुछ महीनों का समय लगेगा।

 

यातायात के जिन नियमों को तोड़ने के लिए जुर्माने की रकम को बढ़ाया गया है, उनमें -

 

बिना सीटबेल्ट लगाये कार चलाने पर ₹1000 जुर्माना देना पड़ेगा, पहले यह सिर्फ ₹100 था।

 

गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने पर अब पहले के ₹1000 की तुलना में अब ₹1000 से 5000 के बीच जुर्माना देना पड़ सकता है।

 

शराब पीकर गाड़ी चलाने के लिए पहले ₹2000 जुर्माना लगता था, अब यह जुर्माना बढ़ाकर ₹10,000 कर दिया गया है।

 

वह ड्राइवर जो इमरजेंसी वाहन जैसे एम्बूलैंस और फायर ब्रिगेड गाड़ियों को निकलने के लिए रास्ता नहीं देंगे, उन्हें ₹10,000 जुर्माना भरना पड़ेगा, पहले कोई जुर्माना नहीं था।

 

नये कानून बिना ड्राइविंग लाइसेंस चलाने के लिए जुर्माना ₹500 से बढ़ाकर ₹5000 कर दिया गया है। गाड़ी चलाने के लिए प्रतिबंधित होने के बाद भी यदि कोई गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है, उसके लिए जुर्माना ₹500 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दिया गया है।

 

टैक्सी चलाने वाले समूह यदि ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों का उलंघन करते हैं, तो उन पर एक लाख तक जुर्माना किया जा सकता है।

 

गति सीमा तोड़ने वालो पर अब जुर्माना ₹1000 से 2000 के बीच होगा, यह जुर्माना हल्के वाहनों के लिए ₹400 से बढ़ाकर ₹1000 किया गया है और मध्यम दर्जे के यात्री वाहनों के लिए ₹2000 किया गया है।

 

बिना बीमा वाले वाहनों के लिए जुर्माने की रकम बढ़ाकर ₹2000 कर दी गई है। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों को अब ₹1000 जुर्माना देना पड़ेगा, तीन महीने के लिए उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। वाहनों की ओवरलोडिंग करने पर अब ₹20,000 जुर्माना देना पड़ेगा।

 

नये मोटर कानून में यह प्रावधान भी है कि यदि किसी नाबालिग को यातायात नियमों का उलंघन करने के अपराध में पकड़ा जाता है तो उसके माता-पिता को तीन वर्ष की जेल और ₹25,000 तक का जुर्माना हो सकता है, हालांकि नये कानून में लिखा है कि नाबालिग पर जुवैलियन जस्टिस एक्ट के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।

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