दिग्विजय समर्थक बन सकता है, मध्यप्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष

पटवारी चुपचाप पिछले कई दिनों से दिल्ली में डेरा जमाये हुए हैं और प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए अपना जुगाड़ बैठाने में लगे हैं।

दिग्विजय समर्थक बन सकता है, मध्यप्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष

मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी को प्रमुख कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का विश्वासपात्र माना जाता है, सूत्र बताते हैं, कि मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के लिए चल रही आपाधापी के बीच, वह अध्यक्ष के रूप में सभी आकलनों को धता बताते हुए सामने आ सकते हैं।

 

मध्यप्रदेश कांग्रेस में इस समय वर्चस्व की लड़ाई अपने चरम पर है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच के मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। लेकिन इसी बीच पटवारी चुपचाप पिछले कई दिनों से दिल्ली में डेरा जमाये हुए हैं और प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए अपना जुगाड़ बैठाने में लगे हैं।

 

लेकिन आधिकारिक रूप से बताया यह जा रहा है कि पटवारी अपने विभाग से संबंधित कई प्रस्तावों को केन्द्र सरकार से पारित करवाने के लिए दिल्ली में रह रहे हैं।

 

यहां यह बताना महत्वपूर्ण होगा कि पहले पटवारी ने इस पद के लिए सिंधिया के नाम का समर्थन किया था, लेकिन बाद में अपनी बात से मुकरते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के लिए अपना जुगाड़ करने में ही लग गये।

 

कहा जाता है कि मंत्री को राहुल गांधी का भी नजदीकी माना जाता है।

 

यह हकीकत है कि राहुल गांधी को मोटरसाइकिल पर पटवारी के पीछे बैठे हुए मध्यप्रदेश के मंदसौर में उस समय देखा गया था, जब वह 2018 में पुलिस की गोलीबारी में 6 किसानों के मारे जाने के बाद लगायी गई निषेधाज्ञा से बचते हुए मंदसौर में घुसना चाहते थे।

 

मजे की बात है कि कुछ दिन पहले दिग्विजय ने भी विकल्प ढूंढने का सुझाव देते हुए कहा था कि राज्य में पार्टी की कमान किसी युवा नेता को सौंपी जानी चाहिए।

 

मुख्यमंत्री कमलनाथ अभी इस पद पर हैं और उन्होंने सरकार के कामकाज पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, पद छोड़ने की बात कही है। बताया जा रहा है कि वह इस पद पर अपने विश्वासपात्र और राज्य के गृहमंत्री बाला बच्चन को देखना चाहते हैं।

 

सिंधिया जो मध्यप्रदेश में 15 वर्ष बाद कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद मुख्यममंत्री पद की दौड़ में कमलनाथ से पिछड़ गए थे, इस पद पर लगातार अपनी नजरें जमाये हुए हैं।

 

उनके समर्थक भी पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने में लगे हैं कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी उनको सौंपी जाये।

MP Congress President Digvijay