वीआईपी लोगों के हनीट्रैप मामले में मध्यप्रदेश पुलिस ने 6 गिरफ्तारियां की

पुलिस ने दावा किया है कि 50 से अधिक नेताओं और नौकरशाहों को गैंग ने हनीट्रैप में फंसा रखा था, जिनमें से 6 को पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया है।

वीआईपी लोगों के हनीट्रैप मामले में मध्यप्रदेश पुलिस ने 6 गिरफ्तारियां की

मध्यप्रदेश पुलिस विशेष जांच में 1000 से अधिक वीडियो की जांच कर रही है, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि एक गैंग हनी ट्रैप कर वीआईपी लोगों से धन उगाही करने का रैकेट चलाता था। यही नहीं यह गैंग युवा लड़कियों को फंसाकर प्रभावशाली लोगों को ठगता था, जांच दल के एक सदस्य ने बताया।

 

वीडियो गैंग के सदस्यों के फोन में सुरक्षित किये गये थे। इस गैंग का एक जटिल नेटवर्क तीन राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में फैला हुआ है, हिंदुस्तान टाइम्स ने रिपोर्ट किया है।

 

पुलिस ने कहा कि गैंग सिर्फ धन उगाही ही नहीं करता था, हनीट्रैप में फंसाये व्यक्ति की मदद से प्रमुख सरकारी ठेके भी लिया करता था।

 

पुलिस ने दावा किया है कि 50 से अधिक नेताओं और नौकरशाहों को गैंग ने हनीट्रैप में फंसा रखा था, जिनमें से 6 को पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया है।

 

इस रैकेट का खुलासा तब हुआ, जब इंदौर म्युनिस्पल कारपोरेशन के इंजीनियर भजन सिंह ने इंदौर पुलिस में शिकायत लिखाई कि गैंग के सदस्य उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं, उनसे 3 करोड़ रुपए की जबरन वसूली की मांग कर रहे हैं। बुधवार को विशेष जांच दल ने इंदौर पुलिस से जांच की जिम्मेदारी ली है।

 

गैंग युवा लड़कियों को भी उनसे पढ़ाई और नौकरी दिलाने के झूठे वादे करके फंसाता था। एक किसान, जिसकी बेटी ने भी एक केस दाखिल कर आरोप लगाया है कि उसे इस कांड में सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर फंसाया गया है, ने बताया कि एक आरोपी आरती दयाल और अभिषेक हमारे गांव में आते, उन्होंने हमें यह कहकर राजी किया कि वह मेरी बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्च उठायेंगे और उसे सरकारी नौकरी दिलाने में मदद करेंगे।

 

किसान ने दावा किया कि उसकी बेटी ने उसे बताया कि दयाल और उसके साथियों ने बहुत सी युवा लड़कियों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर फंसाया है और उनकी मदद से प्रभावशाली लोगों को हनीट्रैप कर रहे हैं। मेरी लड़की ने मुझसे गांव वालों को बताने के लिए कहा कि वह अपनी बेटियों को दयाल के साथ न भेजें, वह अच्छी महिला नहीं है।

 

दयाल के अतिरिक्त पुलिस ने मोनिका यादव, ओमप्रकाश कोरी, श्वेता स्वप्निल जैन,39, श्वेता विजय जैन,48 और बरखा सोनी भटनागर,34 को भी गिरफ्तार किया है।

 

इंदौर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रुचि वर्धन मिश्रा ने कहा कि इन सभी लोगों पर मानव तस्करी का आरोप भी लगाया गया है। आरोपी जांच में मदद नहीं कर रहे हैं। आरती दयाल बार बार बेहोश हो रही है, जिसकी वजह से उसकी जांच करने में कठिनाई आ रही है, मिश्रा ने कहा।

 

जांच की जानकारी रखने वाले विशेष जांच दल के एक अधिकारी ने कहा कि गैंग ने प्रभावशाली लोगों को ब्लैकमेल कर गैर सरकारी संगठनों को ठेके दिलवाये। एक शिकायतकर्ता हरभजनसिंह ने उन्हें आठ करोड़ का ठेका दिलवाया। उन्होंने आगे कहा कि गैंग के एक दूसरे सदस्य ने एक राजनेता की मदद से भोपाल में एक फ्लैट ले लिया।

 

पुलिस ने कहा कि बरखा सोनी भटनागर के बारे में दावा किया जा रहा है कि वह राज्य महिला कांग्रेस आई टी सेल की पदाधिकारी है, जिससे कांग्रेस ने इंकार किया है, वहीं श्वेता विजय जैन को सागर और भोपाल में भाजपा के कई कार्यक्रमों में देखा गया था। वह अपने राजनीतिक संबंधों और एनजीओ का उपयोग सत्ता तक पंहुच बनाने के लिए करते थे, इंदौर पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, जिसने पिछले सप्ताह उनकी गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की थी।

 

विशेष जांच दल के अधिकारी ने कहा कि गैंग के सदस्य वाट्सअप से वीडियो भेजा करते थे, जिसे वह बाद में डिलीट कर देते थे। धन उगाही के लिए वह अपने शिकार के साथ, एक तीसरे व्यक्ति की मदद से मीटिंग निर्धारित करते थे, जिसे वसूल किए गए पैसे में से कुछ कमीशन दिया जाता था, अधिकारी ने बताया।

 

विशेष जांच दल इस हनीट्रैप कांड के आकार का पता लगाने के लिए बैंक खातों, प्रोपर्टी और अन्य संपत्तियों का भी पता लगायेंगी। बैंक के विवरणों से वसूली की गई रकम की लेन-देन प्रक्रिया का भी पता चलेगा, विशेष जांच दल के एक अन्य अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया।

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