मोदी के गुजरात मॉडल को लगी ठोकर, भारत के टॉप 5 गरीब राज्यों में 4 भाजपा शासित

सोचने वाली बात ये है कि मोदी सरकार के बड़े-बड़े वादों की हकीकत कुछ और ही है, ये आँकड़े साफ़-साफ़ मोदी सरकार के सामने आइना बनकर खड़े हैं |

मोदी के गुजरात मॉडल को लगी ठोकर, भारत के टॉप 5 गरीब राज्यों में 4 भाजपा शासित

देश में चुनावी हवा चल रही है ऐसे में नीति आयोग ने अपनी पहली बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआइ) रिपोर्ट में भारत के गरीब राज्‍यों को रेखांकित किया है |  रिपोर्ट जारी हुई है तो जाहिर सी बात है राजनीतिक दलों में हंगामा होना शुरू भी हो गया है क्यों कि उनके  कामों और किये गए वादों की पोल खुल गई है |

क्‍या आप जानते हैं कि इस रिपोर्ट में सबसे गरीब राज्‍य कौन है। क्‍या आप जानते हैं कि ब‍िहार में कितनी प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे है। नीति आयोग की इस रिपोर्ट में यूपी की क्‍या हालत है। आइए हम आपको बताते है इस रिपोर्ट में देश के टॉप 5 गरीब राज्‍यों के बारे में। इसके साथ देश के अन्‍य राज्‍यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के बारे में भी जानेंगे।

 

आपको बता दें, नीति आयोग ने ये रिपोर्ट जैसे ही जारी की, बैसे ही राजनीति में हलचल पैदा हो गई है. आयोग द्वारा जारी आँकड़े में गरीबी के मामले में जो पाँच राज्य टॉप पर हैं, उनमें से चार बीजेपी शासित राज्य हैं.जी हाँ, यहाँ भाजपा की पोल खुल गई | कहीं बीजेपी की अकेली पूर्ण बहुमत की सरकार है तो कहीं डेढ़ दशक पुरानी गठबंधन की सरकार है. गरीबों की आबादी के लिहाज से इनमें उत्तर प्रदेश सबसे टॉप पर है.

 

नीति आयोग ने अपनी पहली एमपीआइ रिपोर्ट में कहा है कि बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश देश के सबसे निर्धन राज्यों में शामिल हैं। सूचकांक के अनुसार, बिहार की 51.91 प्रतिशत आबादी गरीब है। इसके बाद झारखंड का नंबर है। वहाँ की 42.16 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन बसर करती है। उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर है, जहाँ के 37.79 प्रतिशत लोग निर्धन हैं। सूचकांक में मध्य प्रदेश (36.65 प्रतिशत) चौथे स्थान पर है, जबकि मेघालय (32.67 प्रतिशत) पाँचवें स्थान पर है. मध्य प्रदेश में भी साल 2003 से लगातार (दिसंबर 2018 से मार्च 2020 छोड़कर) बीजेपी की सरकार है और शिवराज सिंह चौहान 2005 से मुख्यमंत्री हैं. वहीं मेघालय में बीजेपी की गठबंधन सरकार है.

 

 

देश के जिन राज्यों में सबसे कम गरीबी है, उनमें केरल (0.71 प्रतिशत) शीर्ष पर है। इसके बाद गोवा (3.76 प्रतिशत), सिक्किम (3.82 प्रतिशत), तमिलनाडु (4.89 प्रतिशत) और पंजाब (5.59 प्रतिशत) का स्थान है। इस सूचकांक में सीपीएम शासित केरल में 0.71 प्रतिशत, बीजेपी शासित गोवा में 3.76 प्रतिशत, सिक्किम में 3.82 प्रतिशत, तमिलनाडु में 4.89 प्रतिशत और पंजाब  में 5.59 प्रतिशत आबादी गरीब है. ये राज्य पूरे देश में सबसे कम गरीब जनता वाले राज्यों में शामिल हैं और सूचकांक में सबसे नीचे हैं.

 

केंद्र शासित प्रदेश में सबसे गरीब कौन

केंद्र शासित प्रदेशों में दादरा और नगर हवेली में सबसे ज्यादा गरीबी है। वहाँ  27.36 प्रतिशत लोग गरीब हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 12.58 प्रतिशत और दिल्ली में 4.79 प्रतिशत लोग गरीब हैं। बिहार में कुपोषण के शिकार लोगों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। इसके बाद झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर है। स्कूल नहीं जाने, रसोई ईधन और बिजली से वंचित लोगों के मामले में भी बिहार की स्थिति सबसे खराब है। बाल और किशोर मृत्यु दर श्रेणी में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन सबसे खराब है। इस मामले में इसके बाद बिहार और मध्य प्रदेश का नंबर है। स्वच्छता से वंचित आबादी के मामले में झारखंड की रैंकिंग सबसे खराब है।सोचने वाली बात ये है कि मोदी सरकार की हकीकत कुछ और ही है, ये आँकड़े साफ़-साफ़ मोदी सरकार के सामने आइना बनकर खड़े हैं |

 

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