राजनाथ बोले "नो फर्स्ट यूज" परमाणु नीति परिस्थितियों पर निर्भर

भारत आज भी उनके "नो फर्स्ट यूज" वाले सिद्धांत पर दृढ़ है। भारत अपने इस सिद्धांत का दृढ़ता से पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन भविष्य में क्या होगा, यह पूरी तरह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

राजनाथ बोले "नो फर्स्ट यूज" परमाणु नीति परिस्थितियों पर निर्भर

यद्यपि भारत परमाणु हथियारों के बारे में 'नो फर्स्ट यूज' के सिद्धांत पर दृढ़ है, लेकिन भविष्य में क्या होगा यह पूरी तरह परिस्थितियों पर निर्भर करता है, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा।

 

राजनाथ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के पहले निर्वाण दिवस पर राजस्थान के पोखरण में बोल रहे थे। पोखरण वह जगह है, जो अटल जी की भारत को परमाणु ताकत बनाने की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देती है। भारत आज भी उनके 'नो फर्स्ट यूज' वाले सिद्धांत पर दृढ़ है। भारत अपने इस सिद्धांत का दृढ़ता से पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन भविष्य में क्या होगा, यह पूरी तरह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा, रक्षामंत्री ने ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि भारत एक जिम्मेदार परमाणु राष्ट्र है और प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए यह गर्व की बात है।

 

पोखरण में भारत ने 1974 में अपना पहला परमाणु परीक्षण इंदिरा गांधी सरकार के कार्यकाल में किया था।

 

परमाणु परीक्षण करने के तुरंत बाद 1998 में भारत ने 'नो फर्स्ट यूज' की नीति की घोषणा की थी, जिसके अंतर्गत भारत पहले परमाणु हमला नहीं करेगा, लेकिन अन्यय सभी विकल्प असफल हो जाने पर दंडात्मक प्रतिशोध लेगा।

 

रक्षामंत्री का यह बयान उस समय आया है, जब पाकिस्तान के साथ तनाव चरम पर है। भारत द्वारा जम्मू और कश्मीर में संविधान की धारा 370 और 35A के हटाने को लेकर पाकिस्तान बुरी तरह बिफरा हुआ है। रणनीति विशेषज्ञों सहित बहुत से लोगों ने भारत की  'नो फर्स्ट यूज' नीति पर प्रश्न चिन्ह लगाया था, विशेषकर जब पाकिस्तान मे इस तरह की कोई नीति नहीं है।

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