स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर घाटी सजग, श्रीनगर में राज्यपाल तिरंगा फहरायेंगे

हम आज मुख्य कार्यक्रम के लिए तैयार हैं। यह श्रीनगर में होगा, वहां राज्यपाल राष्ट्रीय ध्वज फहरायेंगे। जम्मू में समारोह राज्यपाल के सलाहकार के नेतृत्व में होगा।

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर घाटी सजग, श्रीनगर में राज्यपाल तिरंगा फहरायेंगे

सुरक्षा बलों ने स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर घाटी में चारों तरफ सुरक्षा बढ़ा दी है। उधर अधिकारी श्रीनगर में मुख्य उत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे हैं, जहां राज्यपाल सत्यपाल मलिक आज तिरंगा फहरायेंगे।

 

बंदी के दसवें दिन बुधवार को श्रीनगर में प्रतिबंधों में ढ़ील देकर लोगों को आवागमन की इजाजत दी गई, हालांकि प्रतिबंध आज फिर लगा दिये जायेंगे। शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम, ज़हां पर स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम होना है, उधर जाने वाले रास्ते पर जगह-जगह बैरीकेड और कंटीले तार लगाये गये हैं।

 

जम्मू और कश्मीर प्रशासन के प्रवक्ता मुख्य सचिव रोहित कंसल ने पत्रकारों को बताया, बुधवार को प्रतिबंधों में ढ़ील दी गई। सम्पूर्ण सुरक्षा की स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, किसी बड़ी घटना की खबर नहीं मिली है, आज फिर से कुछ प्रतिबंध लगा दिए जायेंगे।

 

हम आज मुख्य कार्यक्रम के लिए तैयार हैं। यह श्रीनगर में होगा, वहां राज्यपाल राष्ट्रीय ध्वज फहरायेंगे। जम्मू में समारोह राज्यपाल के सलाहकार के नेतृत्व में होगा, उन्होंने कहा।

 

प्रतिबंधों में शिथिलता के कारण सड़कों पर निजी वाहन चलते नजर आये, लेकिन दुकानें, व्यापार प्रतिष्ठान, स्कूल और कार्यालय बंद रहे। सार्वजनिक वाहन भी नहीं चले। संचार सेवाओं को आज भी बंद रखा गया।

 

ADGP (कानून और व्यवस्था) मुनीर खान ने कहा, राज्य में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। जहां तक कश्मीर संभाग की बात है, कुछ स्थानों पर प्रतिबंध जारी हैं। इन्हें उस एरिया की स्थिति की समीक्षा करने के बाद लगाया गया है।

 

स्थानीय तौर पर कुछ छिटपुट घटनाएं हुई हैं, जिन्हें उसी स्तर पर निपटा लिया गया है। कुछ जगहों पर पैलेट के कारण चोटें भी लगी हैं, उन्होंने कहा कि इस समय पूरा ध्यान स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम पर है, जिसके लिए सभी तैयारियां और इंतजाम पूरे कर लिये गये हैं, ताकि उसे शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराया जा सके।

 

JKPM के अध्यक्ष शाह फैसल को रोकने के बारे में पूछे प्रश्न के उत्तर में कंसल ने कहा, हम किसी व्यक्ति के बारे में टिप्पणी नहीं करेंगे।

 

जब उनसे पूछा गया कि क्या मुख्य धारा की राजनीतिक पार्टी के नेताओं को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में निमंत्रित किया जायेगा, ADGP (सशस्त्र) सैयद जावेद मुज्तबा जिलानी ने कहा, क्षेत्रीय आयुक्त निमंत्रितों की सूची को अंतिम रूप दे रहे हैं। जिस किसी को भी निमंत्रित किया जायेगा उसे समारोह में शामिल होने दिया जाएगा। घाटी में स्कूलों के खुलने के बारे में कंसल ने कहा कि हम उसको तय करेंगे।

 

पिछले नौ दिनों के बंद को हमने दो चरणों में बांटा है, पहला, ईद तक स्थितियों को नियंत्रण में रखना। एक बार वह पूरा होने पर, हमने एक विस्तृत योजना यह सुनिश्चित करने के लिए बनाई है कि स्वतंत्रता दिवस शांति पूर्ण ढंग से संपन्न हो जाये, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।

 

जब हम 16 अगस्त से शुरू होने वाले नये चरण में प्रवेश करेंगे, उस समय स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। पिछले तीन दिनों में हमने यह जानने की कोशिश की है कि प्रतिबंध शिथिल करने पर लोग किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं। हम जानते हैं कि काफी गुस्सा है। वातावरण में काफी तनाव वाला है। हम जानते हैं कि जम्मू और कश्मीर पर इस निर्णय के दूरगामी परिणाम होंगे। लेकिन फिलहाल हम अपना पूरा समय, साधन और प्रयास, किसी भी तरह का जन विरोध को न हो, इसके लिए कर रहे हैं, वह बोले।

 

सुरक्षा बलों की रात में तैनाती मुख्य रूप से चौराहों, महत्त्वपूर्ण जंक्शनों और प्रमुख जांच स्थलों पर की जा रही है।

 

सरकार के कदम का समर्थन करते हुए एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह निर्णय अलगाववादियों और उनके समर्थकों को उखाड़ फेंकने के लिए आवश्यक था। आजादी, स्वायत्तता, विशेष दर्जा आदि आदि सभी एक ही हैं। यह जहर है और हम उसमें पानी मिलाकर उसे हल्का करते जा रहे हैं और यह तब तक करेंगे जब तक वह पीने के लिए सुरक्षित न हो जाए, वह बोले।

 

सभी की नजरें 15 अगस्त केे उत्सव पर हैं, प्रशासन कोई अवसर नहीं देना चाहता, श्रीनगर के कार्यक्रम के लिए एक फुल ड्रेस रिहर्सल किया गया, जिसमें जम्मू और लद्दाख के कलाकारों के साथ अर्द्धसैनिक बलों की टुकड़ियां सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति में सहभागी दिखाई दी।

J&K