चिदंबरम पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी, सीबीआई और प्रर्वतन निदेशालय की टीमें उनके घर पंहुची

INX मीडिया भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत रद्द होने के कुछ घंटों के बाद ही सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी आज शाम ही उनके दिल्ली स्थित घर पंहुचे

चिदंबरम पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी, सीबीआई और प्रर्वतन निदेशालय की टीमें उनके घर पंहुची

उच्च न्यायालय के द्वारा INX मीडिया भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत रद्द होने के कुछ घंटों के बाद ही सेन्ट्रल ब्यूरो आफ इन्वेस्टीगेशन (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी आज शाम ही उनके दिल्ली स्थित घर पंहुचे, लेकिन चिदंबरम घर पर नहीं मिले।

 

चिदंबरम और उनके वकील आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने का विचार कर रहे हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के तुरंत बाद वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल चिदंबरम से मिलने उच्चतम न्यायालय पंहुचे। लेकिन उस समय तक न्यायालय का आज का कामकाज पूरा हो चुका था, सिब्बल ने चिदंबरम को आगे की कार्यवाही करने का सुझाव दिया।

 

वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी, सलमान खुर्शीद और दयान कृष्णन ने चिदंबरम से सलाह मशविरा किया। सिब्बल ने मीडिया से दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा चिदंबरम के तर्क खारिज करने की आलोचना की ।

 

उन्होंने कहा कि उन्हें पिछले 15 महीनों से गिरफ्तारी से राहत मिली हुई थी और आदेश के लिए 24 जनवरी की तारीख निर्धारित की गई थी, लेकिन न्यायधीश सुनील गौर ने अपने अवकाश ग्रहण करने से दो दिन पहले ही आदेश दे दिया।

 

निर्णय शाम 3.20 पर सुनाया गया। हमें नहीं मालूम, इस समय क्यों। हमने निर्णय लागू किए जाने को तीन दिनों तक स्थगित रखने की प्रार्थना की, ताकि हम उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकें। न्यायधीश गौर ने कहा कि वह आदेश पारित करेंगे। हमें आदेश शाम 4 बजे मिला, सिब्बल बोले।

 

उन्होंने कहा कि मैं उच्चतम न्यायालय में था, लेकिन मेरे  हाथ में निर्णय की प्रति नहीं थी। उच्चतम न्यायालय में पंहुचने से हमें रोका गया।

 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज कहा कि INX मीडिया मामला, धन को इधर-उधर करने का क्लासिक मामला है। प्रथम दृष्टया यह लगता है कि इस मामले में प्रभावी जांच करने के लिए यह जरूरी है कि उनको हिरासत में लेकर जांच की जाये। न्यायधीश सुनील गौर, जिन्होने भ्रष्टाचार और धन इधर उधर करने के INS मीडिया भ्रष्टाचार के मामले में चिदंबरम की अग्रिम जमानत का तर्क निरस्त कर दिया, वह बोले कि इस तरह के मामलों में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

Chimbaram