UAPA कानून के तहत आतंकियों की सूची बनाने में जुटी NIA

राज्यसभा के द्वारा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) संशोधन विधेयक पारित होने के बाद सरकार को संगठनों के साथ ही व्यक्तियों को भी आतंकवादी घोषित करने का अधिकार मिल गया है।

UAPA कानून के तहत आतंकियों की सूची बनाने में जुटी NIA

अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) उन लोगों की पहली सूची को अंतिम रूप देने में लग गई है, जो मोस्ट वांटेड है। इन्हें अधिकारिक रूप से आतंकी घोषित किया जायेगा।

 

इस सूची में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के उन लोगों के नाम भी सम्मिलित किए जा सकते हैं, जो आतंकी मामलों और माओवादी गतिविधियों में लिप्त हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि क्या केन्द्र का इरादा एक ट्रिब्यूनल बनाने का भी है, जिसमें आतंकवादी घोषित लोग सरकार के दावे को चुनौती दे सकेंगे।

 

सूत्रों की मानें तो जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मौलाना मसूद अजहर, लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफिज मोहम्मद सईद, हिजबुल मुजाहिदीन के अध्यक्ष सैयद सलाउद्दीन और अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के नाम इस सूची में प्रमुखता से होंगे। जम्मू और कश्मीर के भी कई लोगों के नाम इस सूची में शामिल किए जा सकते हैं।

 

हैदराबाद के पांच लोग हैं, जो आतंकी केसों में आरोपी हैं और जो मोस्ट वांटेड है, लगभग इतने ही नाम माओवादियों के भी हैं।

 

हैदराबाद के जिन लोगों की आतंकी मामलों में तलाश है, उनमें मोहम्मद फरहताउल्ला गोरी उर्फ अब्दुल सूफियान, सैदाबाद के कुरमागुडा का निवासी, याकूतपुरा के मोहम्मद भाई उर्फ अब्दुल बारी उर्फ अबू हाजमा, फुरकान उर्फ अबू बाद, याकूतपुरा निवासी, मोहम्मद अब्दुल मजीद, मूसारामबाग का रहने वाला और सिद्दीक बिन उस्मान, तालाबकट्टा निवासी के नाम हो सकते हैं। कहा जाता है कि यह सभी लोग लश्कर-ए-तैयबा और हरकत-उल जिहाद अल इस्लामी (HUJI) से जुड़े हैं। तेलंगाना और कर्नाटक पुलिस को कई वर्षों से इनकी तलाश है। यह लोग या तो खाड़ी के देशों में या फिर पाकिस्तान में रह रहे हैं। कहा जाता है कि यह सभी लोग कर्नाटक के हिन्दू नेताओं की हत्या करने के षढ़यन्त्र में लिप्त हैं, जिसके लिए नवंबर 2012 में हथियार खरीदे गए थे। इस मामले में 9 अन्य लोग भी गिरफ्तार किये गये हैं।

 

माओवादियों में जो लोग मोस्ट वांटेड हैं, उनके नाम अक्कीराजू हरगोपाल उर्फ रामकृष्ण है, यह आंध्र प्रदेश के गुंटूर का निवासी है, वारंगल जिले का गाजरला रवि, आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले का जालूमुडी श्रीनू बाबू और वारंगल की माधवी हैं। यह लोग अलग-अलग राज्यों में किये गये कई हमलों में लिप्त हैं। NIA इन लोगों की देश या देश से बाहर की संपत्ति जब्त या संलग्न कर सकती है, दिल्ली के एक अधिकारी ने बताया।

 

प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट (SIMI) के पूर्व अध्यक्ष शाहिद बदर फलाही ने कहा गैरकानूनी गतिविधियां कानून कांग्रेस 1967 में लेकर आई थी। उस समय नेता प्रतिपक्ष अटल बिहारी वाजपेई ने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि इससे स्वतंत्रता शब्द के अर्थ की हत्या हो जायेगी।

 

उसके बाद कांग्रेस ने UAPA में कई बार संशोधन किया, हमारे संगठन सिमी को भी इसी कानून के अंतर्गत 2001 में प्रतिबंधित किया गया था। अब एनडीए ने इसमें संशोधन कर इसके दायरे में व्यक्तियों को भी आतंकी घोषित करना सम्मिलित कर दिया है, अब इसका दुरुपयोग होने की संभावना बढ़ गई है, फलाही ने कहा।

 

जम्मू और कश्मीर पुलिस के पूर्व महानिदेशक के राजेंद्र ने संशोधन का स्वागत करते हुए कहा, बहुत से संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया लेकिन यह लोग दूसरा संगठन बना लेते हैं और अपना पूर्व एजेंडा जारी रखते हैं। एक व्यक्ति को मजबूत सबूतों के आधार पर ही आतंकी घोषित किया जाएगा और उसे अदालत में अपने को निर्दोष सिद्ध करने की इजाजत होगी। व्यक्ति को अपने को निर्दोष साबित करना होगा और उसे पर्याप्त मौके दिए जायेंगे, उन्होंने कहा।

 

 

 

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