संघ और उसके संगठन सिर्फ सरकार बनाने तक सीमित नहीं, उनके लिए राष्ट्र निर्माण ज्यादा अहम: गडकरी

एबीवीपी के एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि हमारे लिए विचारधारा और रिश्ते अहमियत रखते हैं।

संघ और उसके संगठन सिर्फ सरकार बनाने तक सीमित नहीं, उनके लिए राष्ट्र निर्माण ज्यादा अहम: गडकरी
Desh 24X7
Desh 24X7

November 16,2019 10:36

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर सभी पार्टियों के बीच कश्मकश जारी है। इस बीच शुक्रवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और इससे जुड़े संगठनों का दृष्टिकोण केवल सरकार बनाने तक सीमित नहीं है। उनके विजन में राष्ट्र-निर्माण महत्वपूर्ण है।

 

 

गडकरी ने यह बात के संघ से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा दृष्टिकोण बिल्कुल स्पष्ट है। यह सरकार बनाने, किसी को मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनाने तक सीमित नहीं है। इसमें राष्ट्र निर्माण की बात है।’’

 

 

हालांकि, गडकरी ने महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी रस्साकशी को लेकर सीधे कोई टिप्पणी नहीं की। महाराष्ट्र में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार बनाने से चूक गई। गडकरी ने कहा- हमारे लिए विचारधारा महत्वपूर्ण है। रिश्ते उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

 

 

क्रिकेट और राजनीति में कुछ भी हो सकता है- गडकरी

 

गुरुवार को एक कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा था कि क्रिकेट और राजनीति में कुछ भी हो सकता है। कभी-कभी लगता है कि हम मैच हार गए हैं, लेकिन अंतिम नतीजे विरोधियों के उलट आ जाते हैं। उनका इशारा शिवसेना के भाजपा से गठबंधन तोड़ने और सरकार बनाने के लिए राकांपा-कांग्रेस से संपर्क साधने की ओर था।

 

 

महाराष्ट्र में गैर-भाजपा सरकार बनने पर मुंबई समेत अन्य शहरों में विकास परियोजनाओं के भविष्य पर केंद्रीय मंत्री ने कहा- सरकारें बदलेंगी, लेकिन प्रोजेक्ट चलते रहेंगे। इसमें कोई परेशानी नहीं है। भाजपा, कांग्रेस या राकांपा किसी की भी सरकार बने, केंद्र सकारात्मक रहेगा।

 

 

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू

 

भाजपा (105 सीट) के सरकार बनाने से इनकार करने पर शिवसेना (56 सीट) ने बहुमत के लिए जरूरी 145 विधायकों का समर्थन जुटाने की काफी कोशिश की, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने तीसरे सबसे बड़े दल राकांपा (54 सीट) को संख्याबल बताने के लिए न्योता दिया था। शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने अपने-अपने नेताओं के साथ कई बैठक कीं। इस बीच, राज्यपाल की सिफारिश पर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया था।

Maharashtra RSS Congress