निर्भया की मां बोलीं- बेटी के गुनहगारों को फांसी पर लटकते देखना चाहती हूं, काेर्ट से इजाजत मांगूंगी

निर्भया की मां आशा देवी ने कहा- 7 साल तक संघर्ष किया, 21 जनवरी तक इसे जारी रखना है

निर्भया की मां बोलीं- बेटी के गुनहगारों को फांसी पर लटकते देखना चाहती हूं, काेर्ट से इजाजत मांगूंगी
Desh 24X7
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January 9,2020 01:34

निर्भया के गुनहगारों का डेथ वारंट जारी होने पर देश के लोग खुश हैं। बुधवार को निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि दोषी 22 जनवरी तक बचाव की हरसंभव कोशिश करेंगे। मैं 7 साल तक संघर्ष करती आई हूं और अब 21 जनवरी तक  संघर्ष को जारी रखना है। मेरी एक दिली इच्छा है। शायद यह कानूनी तौर पर संभव न हो सके, मगर मैं इसके लिए एक बार प्रयास जरूर करूंगी। मैं अपनी बेटी के गुनहगारों को अपनी आंखों के सामने फांसी पर लटकते देखना चाहती हूं।  इसके लिए मैं जेल प्रशासन और कोर्ट के समक्ष अर्जी दूंगी। 

 

 

 

उधर, दिल्ली के द्वारका सेक्टर स्थित उनके अपार्टमेंट का नजारा मंगलवार को कुछ अलग था। काेर्ट से निर्भया के परिजन के लाैटने के इंतजार में अपार्टमेंट के लोग 3 घंटे तक गेट पर राह तकते रहे। रात साढ़े 9 बजे जब वे घर लौटे, तो लाेगाें ने उनका स्वागत तालियां बजाकर किया। वहां कैंडल मार्च निकाला गया। लोगों ने सरकार से अपार्टमेंट के सामने वाले चौराहे का नाम निर्भया चौक रखने की मांग भी की। भीड़ रात 12 बजे तक जुटी रही। निर्भया के परिजन ने लोगों का शुक्रिया अदा कर घर लौटने को कहा, तब जाकर भीड़ रवाना हुई।

 

 

 

आशा देवी ने बताया, ‘‘अपार्टमेंट के लोगों ने बाहर एक बैनर भी लगवा दिया है। इसमें लिखा- जब तक निर्भया के चारों दरिंदों को फांसी नहीं हो जाती, तब तक उस जगह पर हर रात 8 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा। लोगों का प्यार देखकर मेरी आंखों से आंसू निकल आए। सुबह से ही लाेगाें के फोन और मैसेज आ रहे हैं। न्याय की लड़ाई में साथ देने वालों के लिए मेरे पास कोई शब्द ही नहीं हैं। मेरी असली लड़ाई दरिंदों को फांसी के बाद शुरू होगी।’’ 

 

 

दरिंदों काे एसडीएम की मौजूदगी में दिया गया फांसी का नोटिस

 

निर्भया के दोषियों की फांसी की तारीख तय होने के बाद बुधवार को एसडीएम की मौजूदगी में चाराें काे फांसी का नोटिस दिया गया। उन्हें यह भी बताया गया उनके नाम से यदि कोई संपत्ति है, तो जिसे देना चाहते हैं, उसका नाम बता दें। हस्तांतरण की कागजी प्रक्रिया यहीं से पूरी कर दी जाएगी। तिहाड़ जेल के सूत्राें ने बताया कि फांसी की तारीख तय होने के बाद मंगलवार की रात अक्षय, पवन, मुकेश और विनय ने खाना नहीं खाया। हालांकि चारों दिन में एक से दो रोटी, सब्जी और दाल खाई है। बुधवार रात भी कैदियों ने खाना ले लिया था, लेकिन खाया नहीं था। मंगलवार की पूरी रात कैदी सो नहीं पाए।