बजट 2020: जानिए बजट में किसके लिए क्या रहा खास, कैसे बदलेंगी निर्मला सीतारमण आपकी​ जिंदगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बड़े ऐलान किए है. इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव करने के साथ ही​ डिविडेंड डिस्ट्रीब्युशन टैक्स को भी वापस लिया है.

बजट 2020: जानिए बजट में किसके लिए क्या रहा खास, कैसे बदलेंगी निर्मला सीतारमण आपकी​ जिंदगी
Desh 24X7
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February 4,2020 10:31

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली NDA सरकार 2.0 ने अपना दूसरा बजट पेश कर दिया है. वित्त मंत्री ने बजट में कई ऐसे ऐलान किए जो सुस्त अर्थव्यवस्था ​के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है.  इस बजट में मोदी सरकार ने मुख्यत: तीन बातों पर फोकस किया है. ये तीन बातें भारत की अकांक्षा, आर्थिक विकास और एक दूसरे की देखभाल करने वाला समाज को लेकर था. भारत की अकांक्षा की तहत केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र और ग्रामीण भारत से लेकर स्वच्छ हवा पानी और शिक्षा पर ध्यान देना चाहती है. आर्थिक​ विकास के तहत केंद्र सरकार इंडस्ट्री, निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर न्यू इकोनॉमी पर ध्यान देना चाहती है. वहीं, सरकार के इस बजट में जो तीसरा फोकस है, वो ये कि बच्चों और महिलाओं के वेलफेयर से लेकर क्लाइमेट और पर्यावरण भी शामि है. आइए जानते हैं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस बजट के प्रमुख हाइलाइट्स क्या हैं.

 

 

 

स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स:​ वित्त मंत्री ने बजट में कहा कि GST लागू किए जाने के बाद ट्रक के जरिए माल ढुलाई पहले से 20 फीसदी अधिक तेज हुई है. साथ ही, जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक हर महीने हाउसहोल्ड बजट में 4 फीसदी की बचत हो रही है. पिछले 2 साल में 60 लाख नए टैक्सपेयर्स जुड़े हैं और 105 करोड़ ई-वे बिल जेनरेट किए गए हैं.

 

 

डिजिटल रिवॉल्युशन: वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 7 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है. सरकार चाहती है कि देश में डिजिटल गवर्नेंस लाया जाए और साथ ही नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन को पहले से बेहतर किया जाए. देश में पेंशन और इंश्योरेंस के जरिए सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स (Social Security Schemes) की पहुंच बढ़ाया जाए. वित्त मंत्री ने बताया कि 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के तहत आयुष्मान भारत, उज्ज्वला स्कीम, सोलर पावर, क्रेडिट सपोर्ट, पेंशन से लेकर किफाती घरों पर फोकस कर रही है.

 

 

वित्तीय सेक्टर: वित्तीय सेक्टर (Financial Sector) में केंद्र सरकार ने जो सबसे बड़ा कदम उठाया वो ये कि बैंकों के डूब जाने के बाद जो​ डिपॉजिट इंश्योरेंस (Credit Deposit Insurance) 1 लाख रुपये का था, उसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है. इसका सीधा मतलब है कि अगर किसी बैंक में आपका अकाउंट है वो बैंक ​भविष्य में दिवालिया होती है तो आपके अकाउंट में जमा रकम की सुरक्षा हेतु 5 लाख रुपये मिल सकते हैं. इसके अलावा, SARFAESEI एक्ट के तहत एनबीएफसी सेक्टर (NBFC Sector) के लिए डेट रिकवरी को 100 करोड़ एसेट साइज या 50 लाख रुपये लोन के आधार पर बदलाव करने का प्रस्ताव है. IDBI बैंक में केंद्र सरकार अपनी बची हुई हिस्सेदारी को बेचेगी. कॉरपोरेट बॉन्ड में FPI लिमिट को 15 फीसदी तक बढ़ाया जाएगा.

 

 

टैक्स व्यवस्था: सरकार इस बजट में विदेशी सरकारों और अन्य विदेशी इन्वेस्टमेंट के तहत सॉवरेन वेल्थ फंड (Sovereing Wealth Fund) पर टैक्स छूट देने का ऐलान किया है. मेडिकल इक्विपमेंट्स के आयात पर हेल्थ सेस लगाया जाएगा. सरकार ने डिविडेंड डिस्ट्रीब्युशन टैक्स (DDT) को भी पूरी तरह से वापस ले लिया गया है. इसके अलाव इनकम टैक्स के मोर्चे पर केंद्र सरकार ने इस बार 5 स्लैब बनाया है, जिसमें 5 लाख रुपये तक के सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. 5 लाख से 7.5 लाख रुपये के आय पर 10 फीसदी, 7.5 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के आय पर 15 फीसदी, 10 लाख रुपये से 12.5 लाख रुपये की आय पर 20 फीसदी, 12.5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये के आय पर 25 फीसदी और 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा. वस्तु एवं सेवा कर रिटर्न का सरलीकरण प्रस्ताव को 1 अप्रैल 2020 से लागू किया जाएगा. ​रिफंड प्रोसेस में भी बदलाव किया जाएगा.

 

 

 

कृषि क्षेत्र और ग्रामीण विकास: केंद्र सरकार ने इस बजट में गांव और गरीब पर विशेष ध्यान देने का प्रयास किया है. प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंप की सुविधा दी जाएगी. साथ ही 15 लाख ग्रिड कनेक्टेड पम्प्स की भी सुविधा दी जाएगी. रेल मंत्रालय 'किसान रेल' और नाग​रिक उड्यन मंत्रालय 'कृषि उड़ान' स्कीम को लॉन्च करेंगी ताकि कृषि उत्पादों की सप्लाई तेज की जा सके. सरकार ने ऐलान किया है कि मिल्क प्रोसेसिंग की क्षमता को साल 2025 तक दोगुना किया जाएगा. वित्त वर्ष 2020-21 के तहत कृषि क्रेडिट टार्गेट को 15 लाख करोड़ रुपये रखा गया है. 

 

पानी और स्वच्छता: प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 20 हजार अस्पतालों को जोड़ा जाएगा. 'टीबी हारेगा, देश जीतेगा' कैंपेन के तहत 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा. 2024 तक हर जिले में जन औषधि केंद्र खोल दिया जाएगा.

 

 

शिक्षा क्षेत्र और कौशल: इस बार शिक्षा बजट के लिए केंद्र सरकार ने 99,300 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. साथ ही सरकार ने कौशल विकास योजना के लिए भी 3 हजार करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है. सरकार ने कहा ​कि देश के 150 उच्च शैक्षणिक संस्थानों में आपरेंटिसशिप कोर्सेज शुरू किए जाएंगे. अर्बन लोकल बॉडीज नए इंजीनियर्स को इंटर्नशिप का मौका देंगे. रोजगार खोजने वाले लोगों को कुछ खास कौशल सिखाने में भी मदद किया जाएगा. समाज के पिछड़े तबके के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार डिग्री के स्तर का आनलाइन एजुकेशन प्रोग्राम शुरू करेगी. साथ ही स्टडी ने इंडिया प्रोग्राम के तहत एशिया और अफ्रीका में Ind-SAT की सुविधा मुहैया कराया जाएगा. 

 

 

इंडस्ट्री और इन्वेस्टमेंट: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि मोबाइल फोन्स, इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट और सेमी कंडक्टर्स की मैन्युफै​क्चरिंग के लिए केंद्र सरकार खास पैकेज लाएगी. एमएसएमई सेक्टर के लिए इनवॉइस फाइनेंसिंग सुविधा को बढ़ा दिया गया है. 

 

 

इन्फ्रास्ट्रक्चर: इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि देश भर में नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी को लागू किया जाएगा. राजमार्गों के विकास की रफ्तार तेजी की जाएगी. रेलवे के तहत 4 स्टेशनों के रिडेवलपमेंट कार्य पूरा किया जाएगा और पीपीपी मॉडल के तहत 150 नई ट्रेनें चलाई जाएंगी. उड़ान स्कीम के तहत 100 नए एयरपोर्ट्स बनाए जाएंगे. नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर 102 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.