प्रवर्तन निदेशालय ने हैदराबाद की नौशेरा शेख की ₹300 करोड़ की संपत्तियां कब्जे में ली

कब्जे में ली गई संपत्तियों में तेलंगाना, केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली और आंध्र प्रदेश में कृषि भूमि, व्यवसायिक प्लाट, रिहायशी बिल्डिंगे और व्यवसायिक कांप्लेक्स है। इस संपत्ति का मूल्य लगभग ₹277.29 करोड़

प्रवर्तन निदेशालय ने हैदराबाद की नौशेरा शेख की ₹300 करोड़ की संपत्तियां कब्जे में ली

प्रवर्तन निदेशालय ने हैदराबाद की प्रसिद्ध महिला व्यवसायी हीरा समूह की नौहरा शेख की लगभग ₹299.99 करोड़ की सम्पत्ति और नकदी को अपने कब्जे में ले लिया है। यह कार्यवाही प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 (PMLA) और ‌लालच देकर धोखाधड़ी करने के मामले में की गई है।

 

जिन संपत्तियों को कब्जे में लिया गया है, उनमें तेलंगाना, केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली और आंध्र प्रदेश में कृषि भूमि, व्यवसायिक प्लाट, रिहायशी बिल्डिंगे और व्यवसायिक कांप्लेक्स है। इस संपत्ति का मूल्य लगभग ₹277.29 करोड़ है। प्रवर्तन निदेशालय ने बैंकों में जमा ₹22.69 करोड़ के कैश को भी संलग्न किया है।

 

यह कार्यवाही, सेन्ट्रल क्राइम स्टेशन (CCS), हैदराबाद के द्वारा करोड़ों रुपयों की संपत्ति पहले ही संलग्न किए जाने के बाद की गई है।

 

प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA के तहत हीरा समूह की जांच, सेन्ट्रल क्राइम स्टेशन, हैदराबाद द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराने पर शुरू की है। रिपोर्ट में आरोप है कि हीरा समूह ने लाखों निवेशकों को आकर्षक लाभ का लालच देकर उनसे गैरकानूनी तरीके से पैसा इकट्ठा किया है।

 

इसके साथ ही देश भर में कंपनी के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं।

 

प्रवर्तन निदेशालय ने जांच में पाया कि नौहरा शेख ने हीरा ग्रुप के अंतर्गत कई कंपनियां बनाई हैं और लगभग ₹5,600 करोड़ अनधिकृत रूप से पूरे देश के लगभग 1.72 लाख निवेशकों से एकत्र किया है। यह कार्य मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव और बिक्री एजेंटों का एक नेटवर्क बनाकर, निवेशकों को आकर्षक ब्याज (3 प्रतिशत प्रतिवर्ष या 36 प्रतिशत वार्षिक) का झूठा वादा करके किया गया है।

 

आरोपी ने कई योजनाएं चालू की और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उन योजनाओं का जबरदस्त प्रचार किया। नौहरा शेख ने हीरा ग्रुप के अंतर्गत 24 फर्में शुरू की और देश के अलग-अलग भागों में 182 बैंक खाते खोले। विदेशों जैसे UAE और सऊदी अरब में भी 10 बैंक खाते खोले गए।

 

जांच करने पर पता चला कि नौहरा के पास निवेशकों से धन एकत्र करने का किसी भी सरकारी विभाग का कोई अधिकृत अनुमति पत्र नहीं है, न तो बैंकिंग रेग्यूलेशन एक्ट के अंतर्गत, न ही कंपनी या आरबीआई कानून के अंतर्गत और न ही सेबी के द्वारा जारी किया हुआ।

 

उसने सोने, खाद्य पदार्थों और कपड़े का व्यापार। यह दिखाने के लिए किया कि वह वैध रूप से लाभ कमा रही है, लेकिन वास्तविकता में भुगतान नये निवेशकों के द्वारा जमा कराये गये पैसे के कारण बनने वाले कैश फ्लो से होते थे। उसके दूसरे व्यवसाय इतने बड़े नहीं थे कि उनसे वादा किये गए उच्च रिटर्न दिये जा सकें।

 

जांच में पता चला कि नौहरा शेख ने अपने परिवार के सदस्यों और नजदीकी सहयोगियों की मदद से जमा किए गए पैसे को उनके व्यक्तिगत खातों में भेजा और उसने बहुत बड़ी मात्रा में भू संपत्ति बना ली। पैसे को कई सैल कंपनियों और बेनामी संपत्ति के रूप में भी जमा किया गया और लाखों निवेशकों को धोखा दिया गया। अपराध करके कमाते धन को अपने व्यक्तिगत फायदे के उपयोग में लिया गया, प्रर्वतन निदेशालय ने कहा।

Nowhera