अरबों लेने के बाद भी नहीं दिया आशियाना, बना लिया सिंगापुर में अपना ठिकाना

भाजपा नेता सुधांशु मित्‍तल की पत्‍नी के भाई आईरियो ग्रुप के मालिक ललित गोयल भारत में दिवालिया, लेकिन विदेश में कर रखा है 77 मिलियन डॉलर का निवेश

अरबों लेने के बाद भी नहीं दिया आशियाना, बना लिया सिंगापुर में अपना ठिकाना
Desh 24X7
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October 14,2021 05:10

आईरियो ग्रुप में घर खरीदने के लिए सैकड़ों निवेशकों ने अपनी गाढ़ी कमाई लगा दी लेकिन सालों बाद भी उन्हें घर नसीब नहीं हुआ। आईरियो ग्रुप के मालिक ललित गोयल, जो कि भाजपा नेता सुधांशु मित्तल के साले हैं, ने निवेशकों से अरबों रुपए वसूल करने के बाद भी न तो उन्‍हें घर दिया न और न ही उनके पैसे वापस कर रहे हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी ललित गोयल को आदेश दे चुका है। साफ है कि ललित गोयल ने भारत में निवेशकों का पैसा डकारने के बाद निवेशकों को तो आशियाना दिया नहीं, बल्कि अपना ठिकाना बदल लिया और सिंगापुर पहुंच गये।

 

 

आपको बता दें कि ललित गोयल ने 3 साल पहले अपनी कंपनी में 500 करोड़ों रुपए का घाटा दिखाया था। ललित गोयल के विदेश में निवेश का खुलासा पिछले दिनों पैंडोरा पेपर्स लीक में हुआ। पैंडोरा पेपर्स लिंक में ऐसे भारतीयों की सूची जारी की गयी थी, जिन्‍होंने विदेश में अपना निवेश कर रखा है, जबकि भारत में अपनी पुरानी कम्‍पनी को घाटे में दिखा रखा है। इस सूची में एक नाम भाजपा नेता सुधांशु मित्‍तल की पत्‍नी के भाई यानी सुधांशु के साले ललित गोयल का भी है। पिछले दिनों पैंडोरा पेपर्स लीक से खुलासा हुआ है कि करीब 300 से ज्‍यादा ऐसे भारतीय हैं जिन्‍होंने भारत में अपनी कंपनी में निवेशकों के अरबों रुपए डकारने के बाद अपनी कंपनी को या तो दिवालिया घोषित कर दिया है या फि‍र घाटे में दिखा रखा है। 

 

  अब ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि ललित गोयल ने भारत में अपनी कम्‍पनी में 500 करोड़ का घाटा दिखाया था, जबकि पैंडोरा पेपर्स बता रहे हैं कि ललित गोयल ने 77 मिलियन डॉलर का निवेश किया हुआ है, यही नहीं पेपर्स यह भी बता रहे हैं कि ललित गोयल ने अब अपने घर पता सिंगापुर दिखाया है। अब ऐसे में चर्चा इस बात की है कि क्‍या ललित का अपनी कम्‍पनी आईरियो को 500 करोड़ का घाटा दिखाना क्‍या एक छलावा है, ललित ने निवेशकों के साथ इतना बड़ा छल करने की हिम्‍मत कैसे कर ली, क्‍या ललित गोयल का यह मानना है कि जो कुछ होगा जीजाजी देख लेंगे। ये जांच का विषय हो सकते हैं। हालांकि जैसा कि सरकार की ओर पैंडोरा पेपर्स लीक में सामने आये भारतीयों के नामों पर सभी मामलों में जांच के आदेश दिये जा चुके हैं। मामले की जांच बहुस्‍तरीय एजेंसियों का एक समूह करेगा, इस समूह की अध्‍यक्षता केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को सौंपी गयी है। जांच के लिए गठित समूह में नामित की गयी एजेंसियों में सीबीडीटी, प्रवर्तन निदेशालय, भारतीय रिजर्व बैंक और वित्‍तीय खुफि‍या इकाई शामिल हैं। 

 

 

आईरियो के खिलाफ निवेशकों द्वारा घर या पैसा वापस न देने को लेकर दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश का अनुपालन न करने के लिए आईरियो को फटकार भी ल्रगायी थी। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने 19 अगस्त को आईरियो समूह की कंपनी के खिलाफ अपना अवमानना आदेश दिया था। न्यायमूर्तियों ने टिप्पणी की थी कि बिल्डर्स केवल पैसे का रंग या जेल की अवधि को समझते हैं। ज्ञात हो घर पाने के लिए कंपनी में पैसा लगाने वाले कई खरीदार अब उम्मीद खो चुके हैं, और अदालतों का दरवाजा खटखटा रहे हैं, उनका कहना है कि या तो हमें घर दिया जाए अथवा हमारा पैसा वापस किया जाए। 

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