कोरोना - आईसीएमआर ने भारत में बनी एलीसा एंटीबाडी परीक्षण किट को मंजूरी दी

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने जायडस - कैडीला के द्वारा देश में बनाई एन्टी बाड़ी टैस्ट किट का उपयोग करने की मंजूरी दे दी है।

कोरोना - आईसीएमआर ने भारत में बनी एलीसा एंटीबाडी परीक्षण किट को मंजूरी दी

कोविड-19 का घर घर जाकर परीक्षण करने के मामले में देश एक कदम आगे बढ़ा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने जायडस - कैडीला के द्वारा देश में बनाई एन्टी बाड़ी टैस्ट किट का उपयोग करने की मंजूरी दे दी है।

 

'कोविड कवच एलीसा', नाम की इस टैस्ट किट को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वीरोलोजी, पूना ने इसी सप्ताह भारत में मरीजों से विषाणु को अलग कर विकसित किया है। आईसीएमआर के अधिकारी के अनुसार एलीसा किटों का उपयोग स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा पूरे देश में मरीजों के ठीक होने के बाद उनके शरीर में पैदा हुए एन्टीबाडीज की पहचान के लिए किये जाने वाले सीरो-सर्वेक्षण के दौरान किया जायेगा। आईसीएमआर की देश के 69 जिलों में 24000 व्यक्तियों की सीरो-सर्वेक्षण में घरेलू स्तर पर परीक्षण करने की योजना है।

 

आईसीएमआर का कहना है कि नवीन विकसित एलीसा में पाज़िटिव परीक्षणों के 98.7 प्रतिशत और नैगेटिव मामलों में शत प्रतिशत सही परिणाम देने की क्षमता है। काउंसिल ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा, हालांकि सार्स-कोव-2 के क्लीनिकल परीक्षण के लिए प्रमुख परीक्षण, आरटी-पीसीआर ही है, लेकिन एंटीबाडी परीक्षण यह जानने के लिए महत्वपूर्ण है कि हमारी कितनी जनसंख्या में संक्रमण फैलने का खतरा है।

 

एलीसा एंटीबाडी परीक्षण पूर्व में भारतीय अधिकारियों के द्वारा बहुत बड़ी तादाद में किये गये रैपिड एंटीबाडी परीक्षणों से अलग है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एलीसा को रोजाना बहुत बड़ी संख्या में किये जाने वाले सैंपल परीक्षणों , ब्लड बैंकों और अध्ययन सर्वेक्षण के लिए उपयोगी व महत्वपूर्ण बताया है।

 

आईसीएमआर ने कहा कि अब तक जायडस-कैडीला ने ही परीक्षण किटों के उत्पादन का अनुबंध स्वीकार किया था, लेकिन अब सिप्ला प्रथा लि और नैक्सट जेन लाइफ साइंस आदि कंपनियां भी इस बारे में संपर्क कर रही हैं।

Test Kit Covid-19 ICMR India