फिल्म दिखाने से रोकने पर उच्चतम न्यायालय ने ममता सरकार पर 20 लाख का जुर्माना ठोका

न्यायधीश डी वाई चन्द्रचूढ़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि जुर्माने की रकम निर्माताओं और सिनेमा हाल के मालिकों को, उनके बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हनन के लिए नुकसान की भरपाई के लिए दी जाये

फिल्म दिखाने से रोकने पर उच्चतम न्यायालय ने ममता सरकार पर 20 लाख का जुर्माना ठोका
Desh 24X7
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April 12,2019 07:06

उच्चतम न्यायालय ने गुरूवार को पश्चिम बंगाल की सरकार पर व्यंग्य फिल्म 'भोविष्योतेर भूत' का सार्वजनिक प्रदर्शन रोकने पर पश्चिम बंगाल राज्य सरकार पर 20 लाख का जुर्माना लगाया।

 

न्यायधीश डी वाई चन्द्रचूढ़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि जुर्माने की रकम निर्माताओं और सिनेमा हाल के मालिकों को, उनके बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हनन के लिए नुकसान की भरपाई के लिए दी जाये।

 

अदालत निर्माताओं की उस दलील को सुन रहा था, जिसमें उन्होने कहा कि अधिकतर सिनेमा हालों से अधिकारियों की आज्ञा पर फिल्म को उतारना पड़ा।

 

सर्वोच्च अदालत ने ममता बनर्जी सरकार को 15 मार्च को निर्देश दिया कि वह इस बात को सुनिश्चित करे कि किसी तरह की बाधा या किसी प्रकार की रुकावट फिल्म को दिखाने में आड़े न आये।

 

फिल्म के एक निर्माता को विशेष शाखा पुलिस से एक संदेश मिला, जिसमें कहा गया था कि फिल्म में दिखाई गई कहानी लोगों की भावनाओं को चोट पहुंचाने वाली है, जिसके कारण राजनीतिक कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा होगी।

 

यह फिल्म अनिक दत्ता द्वारा निर्देशित है, इसे 15 फरवरी को रिलीज किया गया था। इसकी कहानी भूतों के एक गुट के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनमें एक राजनीतिज्ञ भी है, जो एक शरणार्थी कैंप में मिलते हैं और समकालीन घटनाओं के आसपास घूमती है। कहा जाता है कि यह फिल्म सिंगल स्क्रीन थिएटरों और मल्टीप्लेक्सों से रिलीज होने के एक दिन बाद उतरवा दी गई।

 

 

 

 

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