रेडियो पर रिजेक्‍ट आवाज, जिसने फि‍ल्‍मी दुनिया में सदी का महानायक बना दिया अमिताभ बच्‍चन को

11 अक्‍टूबर 1942 को जन्‍मे बिग बी कहे जाने वाले अमिताभ बच्‍चन ने बड़े पर्दे, छोटे पर्दे सभी जगह अपने अभिनय का लोहा मनवाया, आज भी 16 घंटे करते हैं काम

रेडियो पर रिजेक्‍ट आवाज, जिसने फि‍ल्‍मी दुनिया में सदी का महानायक बना दिया अमिताभ बच्‍चन को
Desh 24X7
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October 11,2021 07:21

फिल्मी दुनिया हो या टेलीविजन की दुनिया, हर जगह अपने अभिनय से लोगों के दिलों पर राज करने वाले सदी के महानायक का दर्जा प्राप्त अमिताभ बच्चन आज 79 वर्ष के हो गए। मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन के पुत्र अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद में हुआ था। अमिताभ की मां तेजी बच्चन मूलत: कराची की रहने वाली थीं।

 

 

अमिताभ बच्चन आज सफलता के जिस शिखर पर हैं वह उन्होंने बहुत आसानी से हासिल नहीं किया, अमिताभ ने अपने दौर में फ्लॉप फिल्में भी देखीं, अपनी कम्‍पनी एबीसीएल के डूबने पर मुफलिसी के दिन भी गुजारे, शूटिंग के दौरान चोट और बीमारियों से भी जूझे। लेकिन हर बार असफलताओं और मुश्किलों से उबर कर दुनिया के सामने हिम्मती बन कर जीने की मिसाल पेश की। अमिताभ आज भी 16 घंटे काम करते हैं। 

 

 

आपको बता दें एक समय ऐसा था कि ऑल इंडिया रेडियो ने अमिताभ बच्चन की भारी-भरकम आवाज होने के कारण उन्हें रिजेक्ट कर दिया था बाद में उनकी यही आवाज उनकी जबरदस्त पहचान बन गई। अपनी इसी भारी-भरकम आवाज से न सिर्फ फिल्मों में डायलॉग बोलकर दर्शकों के दिल पर राज करते हुए शहंशाह बने बल्कि अपने लिए कई फिल्मों में गाने भी गाए।

 

 

 

बताया जाता है कि अमिताभ कभी इंजीनियर बनने या एयरफोर्स में जाने का सपना देखा करते थे, लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था। 1969 में 7 नवंबर को अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन ख्वाजा अहमद अब्बास ने किया था, बताया जाता है इस फिल्म के लिए अमिताभ बच्चन को ₹5000 रुपये मिले थे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं कर पाई थी। लम्बे समय तक उन्होंने फ्लॉप फिल्मों का दर्द भी बर्दाश्त किया, उनकी शुरुआत की लगातार 12 फिल्में फ्लॉप रही लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इसके बाद जंजीर फिल्म उनके सफल जीवन में मील का पत्थर साबित हुई। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और यहीं से अमिताभ बच्चन को नयी पहचान मिली।

 

 

 

अमिताभ बच्चन की सबसे बड़ी खासियत उनकी दमदार अदाकारी और डायलॉग डिलीवरी है। अमिताभ बच्चन के बारे में शुरुआत में निर्देशकों की राय यह थी कि यह दुबला-पतला और सामान्य से ज्यादा लंबा इंसान ऐसा क्या कर पाएगा, जिससे दर्शक उसे पसंद करें लेकिन इन सब आशंकाओं को गलत साबित करते हुए अमिताभ बच्चन ने इंडस्ट्री में जो अपनी पहचान बनाई वह सबको नसीब नहीं होती है।

 

 

पांच दशकों से हिंदी सिनेमा में सक्रिय अमिताभ बच्चन ने 200 से ज्यादा फिल्में की हैं साथ ही उन्हें अनगिनत पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। फिल्मी दुनिया का सबसे बड़ा पुरस्कार दादासाहेब फालके पुरस्कार से लेकर पद्मश्री और पद्म भूषण तक के बड़े नागरिक सम्मान हासिल करने वाले अमिताभ बच्चन को तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 16 बार फिल्म फेयर अवार्ड जीतने का अवसर मिला है। उन्हें वर्ष 2015 में फ्रांस की सरकार ने भी अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान नाइट ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित किया था।

 

 

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के अभिन्न मित्र रह चुके अमिताभ बच्चन ने कुछ समय राजनीति की दुनिया में भी गुजारे, उस दौरान उन्होंने आठवें लोकसभा चुनाव में अपने गृह जनपद इलाहाबाद की सीट से उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा को हराया भी था। हालांकि व्यस्तता के चलते वह जल्दी ही राजनीति से बाहर भी हो गए। अमिताभ बच्चन के ऊपर कई किताबें भी लिखी जा चुकी हैं इनमें 1999 में द लीजेंड, 2004 में टू बी और नॉट टू बी अमिताभ बच्चन, 2006 में ए बी द लीजेंड ए फोटोग्राफर ट्रिब्यूट के अलावा 2007 में लुकिंग फॉर द बिग बी बॉलीवुड, 2007 में ही बच्चन एंड मी और 2009 में बच्चनानिया का प्रकाशन हुआ है। 

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