प्रिंस हैरी और मेगन के शाही विरासत छोड़ने पर महारानी ने आपात बैठक बुलाई, मेगन फोन लाइन के जरिए जुड़ेंगी

प्रिंस हैरी और पत्नी मेगन ने बुधवार को शाही विरासत छोड़ने का ऐलान किया था

प्रिंस हैरी और मेगन के शाही विरासत छोड़ने पर महारानी ने आपात बैठक बुलाई, मेगन फोन लाइन के जरिए जुड़ेंगी
Desh 24X7
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January 12,2020 10:03

ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय ने सोमवार को शाही परिवार की अपने निजी निवास सैन्ड्रिंघम एस्टेट में आपात बैठक बुलाई है। इसमें प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेगन मर्केल के शाही विरासत छोड़ने पर पहली बार बात होगी। इसके अलावा दोनों की भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा होगी। शाही जोड़े ने बुधवार को अचानक शाही विरासत छोड़ने का फैसला लेकर सबको चौंका दिया था।

 

 

 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने प्रिंस हैरी (ड्यूक ऑफ ससेक्स), उनके भाई विलियम (ड्यूक ऑफ कैम्ब्रिज) और उनके पिता चार्ल्स (प्रिंस ऑफ चार्ल्स) को इस बैठक के लिए बुलाया है। वहीं, मेगन मर्केल इस वक्त कनाडा में हैं और वे फोन लाइन के जरिए इस बैठक में जुड़ेंगी। कपल के फैसले के बाद यह पहला मौका होगा, जब महारानी की मौजूदगी में शाही परिवार इस मुद्दे पर बात करेगा। 

 

 

 

प्रिंस हैरी के फैसले से महारानी एलिजाबेथ और भाई विलियम नाराज : रिपोर्ट

 

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रिंस हैरी-मेगन ने इस बारे में शाही परिवार के किसी सदस्य से चर्चा नहीं की थी। उनके इस फैसले पर महारानी की तरफ से नाराजगी जाहिर करने की भी खबरें हैं। वहीं, हैरी के भाई विलियम भी इस फैसले से नाराज बताए जा रहे हैं। 

 

 

 

बैठक में दंपति के भविष्य को लेकर तैयार प्रस्तावों पर बात होगी

 

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के जरिए हैरी और मेगन के शाही परिवार से रिश्तों में नया मोड़ आएगा, क्योंकि महारानी जल्द से जल्द इस मामले का हल निकालना चाहती हैं। लेकिन, अभी भी बातचीत के रास्ते में बहुत रुकावटें आ सकती हैं। बैठक में प्रिंस हैरी और मेगन को लेकर महल, ब्रिटिश सरकार के प्रतिनिधियों और कनाडा सरकार द्वारा मिलकर तैयार किए गए प्रस्तावों पर भी बात हो सकती है। दोनों कैसे, भविष्य में अपने नए लक्ष्यों को पूरा करेंगे, इस पर भी विचार किया जाएगा।

 

 

 

इससे पहले दंपति ने कहा था कि वे नए ससेक्स रॉयल चैरिटी के जरिए धर्मार्थ कार्यों को जारी रखेंगे। जो उन्होंने पिछले साल जून में ड्यूक और डचेस ऑफ कैम्ब्रिज फाउंडेशन से अलग होने के बाद स्थापित किया था।