चीन को कोरोना महामारी का जिम्मेदार ठहराने वाली अमेरिका की 18 सूत्री योजना

प्रमुख सुझावों में चीन से उत्पादन इकाइयों को हटाना और भारत, वियतनाम तथा ताइवान के साथ महत्वपूर्ण सैन्य संबंधों को मजबूत करना है।

चीन को कोरोना महामारी का जिम्मेदार ठहराने वाली अमेरिका की 18 सूत्री योजना

कोविड-19 महामारी विश्व में फैलाने के लिए अमेरिका ने चीन की सरकार को इस विषय में झूठ बोलने, धोखा देने और चालाकी दिखाने का जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिका के एक वरिष्ठ सीनेटर ने इस संबंध में एक 18 सूत्रीय योजना से पर्दा हटाया हैं, इन सूत्रों में भारत के साथ सैन्य संबंधों को मजबूत करना भी है।

 

प्रमुख सुझावों में चीन से उत्पादन इकाइयों को हटाना और भारत, वियतनाम तथा ताइवान के साथ महत्वपूर्ण सैन्य संबंधों को मजबूत करना है।

 

गुरुवार को सेनेटर थाम टिलीज ने अपनी 18 सूत्रों वाली योजना का विवरण बताते हुए कहा, चीन की सरकार ने वैश्विक महामारी को पैदा किया और इसे दुर्भावना पूर्वक छिपाया, जिसकी वजह से अनेकों अमेरिकियों को बहुत तकलीफें उठानी पड़ी है। यह वही शासन है जिसने अपने नागरिकों को श्रमिक शिविरों में कैद किया, अमेरिका की तकनीक और नौकरियों को चुराया और हमारे सहयोगियों की संप्रभुता के लिए खतरा बना।

 

अमेरिका और शेष स्वतंत्र विश्व के लिए यह बहुत बड़ी चेतावनी है। मेरी कार्य योजना चीन की सरकार को कोविड-19 के बारे में दुनिया से झूठ बोलने का जिम्मेदार ठहराने, अमेरिका की अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य  और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने के साथ चीन की सरकार पर प्रतिबन्ध लगाने की है, उन्होंने कहा।

 

योजना में प्रशांत क्षेत्र में अवरोध की पहल करने के साथ 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सैन्य सहायता को तुरंत मंजूरी दिलवाना है। इस योजना में क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ सैन्य संबंधों को बढ़ावा देते हुए भारत, ताइवान और वियतनाम को अधिक सैन्य उपकरणों को बेचना भी है।

 

जापान को सेना का पुनर्गठन करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ, जापान और दक्षिण कोरिया को घातक सैन्य उपकरणों को बेचना भी है।

 

योजना में आगे, चीन से उत्पादन इकाइयों को वापस अमेरिका में लाने के साथ ही वस्तुओं की आपूर्ति के लिए चीन पर अपनी निर्भरता को धीरे-धीरे समाप्त करना है। चीन को हमारी तकनीक चुराने से रोकने के अतिरिक्त अमरीकी कंपनियों को अपना तकनीकी लाभ पुर्नस्थापित करने के लिए आर्थिक मदद देना है। चीनी हैकरों और तोड़ फोड़ से अपनी साइबर सुरक्षा करना है।

 

इसके साथ अमरीकनों के टैक्स के पैसे को चीन सरकार के पास जाने से रोकना है, ताकि वह अपना कर्ज चुकाने के लिए उसका उपयोग न कर सके। चीन की तकनीक कंपनी हुआवेई पर अमेरिका प्रतिबंध लगाये और अपने सहयोगियों से भी प्रतिबंध लगाने के लिए कहे।

 

योजना चीन सरकार के शिकंजे से बाहर निकलने और विषाणु के बारे में उसके झूठ बोलने के के कारण उस पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित है। योजना में आगे कहा गया है कि मानवाधिकार से संबंधित खराब पृष्ठभूमि वाले चीन पर प्रतिबंध लगने ही चाहिए।

 

सेनेटर टिली की योजना में ट्रंप प्रशासन से प्रार्थना की गई है कि वह अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से 2022 के शीतकालीन ओलम्पिक बीजिंग की जगह किसी दूसरे स्थान पर कराने के लिए कहे।

 

अमेरिका के अंदर चीन के झूठे प्रचार को रोका जाये। चीन के सरकार नियंत्रित मीडिया केन्द्रों को प्रोपगंडा फैलाने वाली इकाइयां माना जाये, 18 सूत्री योजना में कहा गया है।

 

सरकार से कहा गया है कि चीन सरकार के द्वारा कोविड-19 फैलाने के बारे में उसके झूठे अपप्रचार की जांच करने के साथ ही चीन की आपूर्ति व्यवस्था पर अमरीकी निर्भरता और उसके कारण सार्वजनिक रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों की जांच भी की जाये।

 

जांच और सुधारों के द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाए। चीन के द्वारा विकासशील देशों को हिंसक ऋण जाल में फंसाने की नीति का खुलासा करने के साथ उसका मुकाबला भी किया जाये। भविष्य में महामारी से संबंधित गुप्त सूचनाओं को साझा करने पर बल दिया जाये, विदेशी सरकारों के द्वारा घातक विषाणुओं  पर किये जाने वाले कार्यों को नियंत्रित करने के लिए एक संगठन बनाने के प्रयास किए जाने की बात भी टिलिस ने अपने सुझावों में कहीं है।

 

चीन के वुहान प्रांत में सबसे पहले दिसंबर में कोरोनावायरस पाया गया था, इसने दुनिया में 3 लाख से अधिक लोगों की जान ले ली है, 4.3 मिलियन से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं। विश्व के कुल संक्रमित मामलों में से एक चौथाई से अधिक अमेरिका में हैं।

 

राष्ट्रपति ट्रंप पर पिछले कई सप्ताहों से लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह चीन के खिलाफ कार्यवाही करें। सांसदों और विद्वानों की राय है कि चीन के द्वारा उपयुक्त कदम न उठाए जाने के कारण ही कोविड-19 पूरी दुनिया में फैला।

 

इसी बीच सेनेटर जान बरास्सो ने सीनेट में गुरुवार को बोलते हुए, फारेन इंटेलिजेंस सर्विलांस कानून में सुधार करने को कहा है, इस कानून को कोरोना वायरस महामारी के कारण रोका गया है।

 

उन्होंने कहा कि इस विषाणु को नियंत्रित किया जा सकता था, यदि चीन सरकार इसके विषय में सिद्धांतहीन झूठ न फैलाता। चीन को इस खतरे की जानकारी विश्व के दूसरे देशों से महीनों पहले हो चुकी थी। इसके बावजूद चीन के कम्युनिस्ट नेताओं ने महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट किया, कोरोनावायरस से संबंधित मामलों की संख्या कम बताई और पूरी दुनिया को इस घातक विषाणु के फैलाव के बारे में गलत जानकारी दी।

 

उन्होंने जोर देकर कहा कि इस विषाणु को वुहान में ही रोका जा सकता था। चीन के असफल होने के कारण हजारों अमरीकियों और लाखों विश्व के अन्य देशों के नागरिकों को जान गंवानी पड़ी है।

 

बरास्सो ने कहा कि अमेरिका को अपनी कंपनियों को अमेरिका और पश्चिमी देशों में आपूर्ति व्यवस्था बनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। विपत्ति के समय में हमारे अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए यही उपयुक्त है।

 

दोबारा नहीं, फिर कभी नहीं, हम महत्वपूर्ण दवाइयां चीन से मंगायें। हमें विविध वस्तुओं के लिए अपनी आपूर्ति व्यवस्था बनानी पड़ेगी और देश में आपूर्ति से संबंधित अधिक से अधिक कंपनियों को लगाना पड़ेगा, वह आगे बोले।

 

कांग्रेस सदस्य टोरी बलार्डसन ने दोहरा कानून प्रस्तुत किया, एक अन्य कांग्रेस सदस्य डांग कालिंस और सेनेटर लिंडसे ग्राहम के साथ मिलकर दोहरा कानून प्रस्तुत किया, जिसमें चीन के नेताओं के द्वारा कपटपूर्ण कार्यवाही करने के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिसके कारण महामारी फैली और उसने वैश्विक महामारी का रूप ले लिया।

कोविड-19 जिम्मेदारी कानून राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चीन पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देता है, यदि चीन कोविड-19 के फैलाव के बारे में जांच करने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों की मदद नहीं करता है।

 

यदि चीन ने समय पर वायरस को फैलने से रोकने के लिए उचित कदम उठाते होते, इसकी भयावहता के बारे में सही जानकारी दी होती तो इस महामारी से मरने वालों की संख्या बहुत कम होती, बाल्डरसन ने कहा।

 

अमेरिका इस बात को दरकिनार नहीं कर सकता कि चीन ने पूरी दुनिया के स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था से इतनी बुरी तरह खिलवाड़ किया है। चीन और उसके कम्युनिस्ट नेतृत्व को इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया ही जाना चाहिए, उन्होंने कहा।

 

 

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